Indore Farmers Protest: इंदौर में किसानों ने कलेक्टोरेट के सामने गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसान वेस्टर्न रिंग रोड और आउटर रिंग रोड निर्माण के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में खाने-पीने और रुकने की पूरी व्यवस्था के साथ पहुंचे हैं।
किसानों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
खाने-रहने की व्यवस्था के साथ कलेक्टोरेट पर डेरा
इंदौर में भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया है।
इसके लिए इंदौर और आसपास के किसान पूरी तैयारी में दिखें और करणी सेना ने भी उन्हें अपना समर्थन दिया।
बुधवार रात से ही बड़ी संख्या में किसान कंडे, घी, दाल, आटा, बर्तन और रात्रि विश्राम के लिए बिस्तर, गद्दे और कंबल गाड़ियों में भर ले आए थे।
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गुरुवार सुबह से उन्होंने कलेक्टोरेट के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसानों ने बताया कि उनकी उपजाऊ जमीनें जो साल में तीन-तीन फसलें देती हैं बिना उचित मुआवजे के ली जा रही हैं।
यह सीधे तौर पर उनके रोजगार और जीवनयापन पर हमला है।
संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार पाटीदार ने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
प्रशासन से चर्चा जारी, लेकिन समाधान नहीं
किसानों ने बताया कि कुछ समय पहले कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने उनकी मांगों पर चर्चा का आश्वासन दिया था।
लेकिन, अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
इसी वजह से अब वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर हुए हैं।

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसीपी हेमंत चौहान ने बताया कि पुलिस और प्रशासन किसानों से लगातार संवाद कर रहा है।
जल्द ही उनकी मांगों को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी।
वहीं किसानों ने सरकार को चेतावनी भी दी है।
अगर जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो वह बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
ये है किसानों की प्रमुख मांगे
- इंदौर में पूर्वी और पश्चिमी रिंग रोड निर्माण कार्य के लिए किया जाने वाला जॉइंट सर्वे तत्काल बंद किया जाए।
- वेस्टर्न रिंग रोड बाईपास पर अधिग्रहित की जा रही जमीन के लिए चार गुना मुआवजा दिया जाए।
- केंद्रीय भू-अधिग्रहण कानून 2013 को मध्य प्रदेश में उसके मूल स्वरूप में लागू किया जाए।
- पिछले 12 सालों से गाइडलाइन नहीं बढ़ाई गई है, उसे हर साल 25% की दर से बढ़ाने की मांग।
- बिना किसानों की सहमति के कोई भी जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए।
- आउटर रिंग रोड के लिए जारी वर्तमान राजपत्र को रद्द कर गाइडलाइन बढ़ाने के बाद नया राजपत्र जारी किया जाए।
- इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) समेत सभी विकास प्राधिकरणों को भंग करने की मांग।