18 Dead Final Rites: 3 अप्रैल, गुरुवार को गुजरात पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मारे गए मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इन सभी की चिताएं देवास जिले के नेमावर घाट पर एक साथ जली। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन था।
मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना में हरदा और देवास जिले के 2 परिवार एक साथ खत्म हो गए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
गुजरात से सुबह पहुंचे थे शव
गुजरात से मृतकों को लेकर निकली एम्बुलेंस पहले गुरुवार सुबह उनके घर संदलपुर पहुंची। ठेकेदार का शव खातेगांव पहुंचा।
परिजन ने शवों के अंतिम दर्शन किए, इसके बाद एम्बुलेंस नेमावर घाट पहुंची।
वहीं, हरदा के हंडिया के मृतकों को लेकर एम्बुलेंस सीधे नेमावर घाट पहुंची।

सभी का अंतिम संस्कार यहां एक साथ हुआ।
अंतिम दर्शन भी नहीं कराए गए
इसी दौरान कई परिवार वाले चेहरा दिखाने की गुहार लगाते रहे, जिन शवों के चेहरे कुछ ठीक अवस्था में थे उनको दिखाया गया।
लेकिन कई शवों की हालत इतनी खराब थी कि परिवार वालों को अंतिम दर्शन तक नहीं कराए गए।
अंतिम संस्कार के पहले मृतकों को कंधा भी नसीब नहीं हो पाया।
एक मृतक की परिजन शांताबाई ने बताया- मेरा एक बेटा और बहू चली गई। छोटा बेटा संजय नहीं आया।
मिट्टी (शव) को भी पन्नी में जला रहे हैं। हमें तो मुंह भी देखने नहीं दिया गया।

देवास जिले में एक साथ इतने शवों को आइस बॉक्स में रखने की सुविधा नहीं है।
इसलिए सभी शवों को इंदौर एमवाय अस्पताल की मॉर्चुरी में रखा गया।

ठेकेदार पंकज के घर के बाहर पुलिस तैनात
देवास के खातेगांव में मृतक पंकज के घर के बाहर पुलिस बल तैनात है।
दरअसल, पकंज वहीं ठेकेदार जो सभी मजदूरों को अपने साथ गुजरात की पटाखा फैक्ट्री में काम दिलाने ले गया था।

हंडिया में 12 बजे तक बाजार बंद
पटाखा फैक्ट्री में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने हंडिया के व्यापारियों ने दोपहर 12 बजे तक बाजार बंद रखा है।

18 pyres burnt at Dewas
पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मारे गए थे 20 लोग
मंगलवार सुबह 8 बजे गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में 20 लोगों मारे गए थे।
इनमें 8 लोग हरदा और 10 देवास जिले के थे। जिनमें 5 से 8 साल तक के बच्चे भी हैं।
दो की पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी।