MP Helpline Number: अभी तक मध्य प्रदेश में पुलिस, एंबुलेस और महिला हेल्पलाइन के लिए लोगों को अलग-अलग नंबर डायल करने पड़ते थे।
मगर अब सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन (Emergency Helpline) को एक ही नंबर से जोड़ा जाएगा।
केंद्र सरकार के नए निर्देशों के तहत, राज्य में 12 अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों को एक नंबर 112 पर जोड़ा जाएगा।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया (JN Konsotia) ने इस प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए कहा कि इस कदम से इमरजेंसी सेवाओं का संचालन और भी प्रभावी होगा।
कॉमन डैशबोर्ड बनाया जाएगा
मंगलवार को गृह विभाग (Home Department) के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक बैठक हुई।
बैठक में यह तय हुआ कि एक कॉमन डैशबोर्ड बनाया जाएगा, जिससे सभी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी एक साथ मिल सकेगी।
इन हेल्पलाइन नंबरों को जोड़ा जाएगा
इसमें डायल 100 (Dial 100), एम्बुलेंस (Ambulance), महिला हेल्पलाइन (Women Helpline), चाइल्डलाइन (Childline) सहित सभी प्रमुख हेल्पलाइन सेवाओं को एक ही नंबर 112 पर जोड़ा जाएगा।
पुलिस की दूरसंचार शाखा की तैयारी शुरु
पुलिस की दूरसंचार शाखा 112 हेल्पलाइन के लिए नोडल एजेंसी (Nodal Agency) होगी।
यह शाखा भदभदा रोड स्थित पुलिस मुख्यालय में पहले से ही डायल 100 (Dial 100) का कॉल सेंटर चला रही है।
कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जोड़कर इसे 112 हेल्पलाइन के लिए तैयार किया जा रहा है।
4 एम्बुलेंस सेवाओं को जोड़ा जाएगा
प्रदेश में चल रही 4 प्रमुख एम्बुलेंस सेवाओं (Ambulance Services) को भी इस 112 हेल्पलाइन से जोड़ा जाएगा।
एमपीआरडीसी (MPRDC) और एनएचएआई (NHAI) हाईवे पर एम्बुलेंस सुविधाएं प्रदान करते हैं।
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की ओर से एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) वाली चार एम्बुलेंस सेवाएं चल रही हैं।
मई में होगा सेमिनार
बैठक में यह भी तय हुआ कि मई में भोपाल (Bhopal) में एक बड़ा सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
इस सेमिनार में 112 हेल्पलाइन (112 Helpline) को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह सेमिनार हेल्पलाइन के संचालन (Operations) और उसकी सेवाओं को और बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा।
हेल्पलाइन की अहमियत
मध्य प्रदेश में हेल्पलाइन सेवाओं का महत्व काफी बढ़ गया है।
अब कोई भी व्यक्ति इमरजेंसी (Emergency) के समय केवल एक नंबर 112 पर कॉल कर सभी तरह की सहायता प्राप्त कर सकेगा।
चाहे वह एम्बुलेंस की आवश्यकता हो, पुलिस की मदद चाहिए हो या महिला और बच्चों के लिए विशेष सेवाएं चाहिए हों, सभी सेवाएं 112 के माध्यम से उपलब्ध होंगी।