Miss Universe Fatima Bosch मिस यूनिवर्स 2025 का खिताब मेक्सिको की 25 वर्षीय फ़ातिमा बॉस फर्नांडेज ने अपने नाम कर लिया है।
फ़ातिमा ने यह जीत एक ऐसे वक्त में हासिल की है जब प्रतियोगिता के दौरान उनके साथ हुए अपमानजनक विवाद ने सुर्खियां बटोरी थीं।
भारत की प्रतिनिधि मणिका विश्वकर्मा टॉप-30 में जगह बनाने में सफल रहीं, लेकिन टॉप-12 में पहुंचने से चूक गईं।
डिस्लेक्सिया और बुलिंग से लड़कर मिस यूनिवर्स तक का सफर
फ़ातिमा बॉस का बचपन आसान नहीं था।
वह डिस्लेक्सिया और ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी चुनौतियों से जूझ रही थीं, जिसके कारण उन्हें पढ़ने-लिखने में कठिनाई होती थी।
स्कूल में उन्हें विशेष ध्यान की जरूरत थी, लेकिन इसके बजाय उनके साथ सहपाठियों द्वारा बुलिंग (छेड़छाड़ और ताने) की गई।

फ़ातिमा ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें अक्सर ‘बेवकूफ’ कहा जाता था।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से न केवल अपनी पढ़ाई पूरी की, बल्कि मिस यूनिवर्स जैसे वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा साबित की।
मिस यूनिवर्स 2025 में विवाद: ‘बेवकूफ’ कहने पर फ़ातिमा और प्रतिभागियों ने छोड़ी सेरेमनी
प्रतियोगिता के दौरान, 4 नवंबर 2025 को आयोजित एक सेरेमनी में थाइलैंड के डायरेक्टर नवात इतसराग्रिसिल ने फ़ातिमा बॉस को प्रमोशनल इवेंट्स में शामिल न होने के कारण ‘डंबहेड’ (बेवकूफ) कह दिया।
जब फ़ातिमा ने इसका विरोध किया, तो नवात ने सुरक्षा बुलाकर उन्हें हॉल से बाहर निकलवाने की कोशिश की।
यह देखकर वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों ने एकजुटता दिखाते हुए सेरेमनी का बहिष्कार किया और वहां से चली गईं।
इनमें मिस यूनिवर्स 2024 विक्टोरिया थेलविग भी शामिल थीं।
MEXICO ES LA NUEVA MISS UNIVERSO 2025✨ ❤️
¡FELICIDADES @bosch_fatima!#MissUniverse #Missuniverso#FatimaBosch pic.twitter.com/Zzg9NeLCEQ
— Miss Universe Mexico (@MissMexicoou) November 21, 2025
फ़ातिमा ने इस घटना के बाद कहा, “मैं थाइलैंड का सम्मान करती हूं, लेकिन जो डायरेक्टर ने किया, वह सम्मानजनक नहीं था। हम सशक्त महिलाएं हैं और यह प्लेटफॉर्म हमारी आवाज के लिए है। कोई हमारी आवाज नहीं दबा सकता। अगर कोई चीज आपकी गरिमा के खिलाफ है, तो आपको वहां से चले जाना चाहिए।”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मिस यूनिवर्स संगठन पर प्रतिभागियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगने लगे।
विवाद बढ़ने पर मिस यूनिवर्स के सह-संस्थापक राउल रोचा ने नवात की कार्रवाई की आलोचना की और उन्हें आधिकारिक गतिविधियों से हटा दिया।
बाद में नवात ने सभी प्रतिभागियों से माफी मांगी।
Miss Universe in turmoil | Report: Two tycoons clashing over pageant vision
All about Miss Universe controversy as contestants walk out after official insults Miss Mexico@MollyGambhir tells you more pic.twitter.com/Ssr76z2MN0
— WION (@WIONews) November 14, 2025
फ़ातिमा का जीत का सफर: टॉप-5 और जीतने वाला जवाब
फाइनल में, टॉप-5 प्रतिभागियों (थाइलैंड, फिलीपींस, वेनेजुएला, मेक्सिको और आइवरी कोस्ट) के बीच क्वेश्चन-आंसर राउंड हुआ।
फ़ातिमा से पूछा गया: “आपके नजरिए से साल 2025 में एक महिला होने की क्या चुनौतियां हैं और दुनियाभर की महिलाओं के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने के लिए आप मिस यूनिवर्स के खिताब का उपयोग कैसे करेंगी?”
फ़ातिमा ने जवाब दिया:
“एक महिला और मिस यूनिवर्स के रूप में, मैं अपनी आवाज और अपनी शक्ति को दूसरों की सेवा में लगाऊंगी, क्योंकि आज के समय में हम यहां बोलने, बदलाव लाने और हर चीज को साफ नजरिए से देखने के लिए हैं। हम महिलाएं हैं और जो बहादुर महिलाएं आगे बढ़कर खड़ी होती हैं, वही इतिहास बनाती हैं।”
What God has destined for you. Neither envy can stop it, nor destiny abort it, nor can luck change it. Fatima Bosch has a special charm; she was, is, and will be the moment. Mexico won Miss Universe 2025. pic.twitter.com/487tm0B87J
— Terrible Pics (@TerriblePic) November 21, 2025
यह जवाब जजों को इतना पसंद आया कि फ़ातिमा को विजेता घोषित किया गया।
थाइलैंड की प्रवीनार सिंह ने दूसरा और वेनेजुएला की स्टेफनी अबसाली ने तीसरा स्थान हासिल किया।
भारत की मणिका विश्वकर्मा टॉप-30 तक पहुंचीं
भारत की प्रतिनिधि मणिका विश्वकर्मा ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और टॉप-30 में जगह बनाई।
उन्होंने सफेद ड्रेस और स्विमसूट में अपना रैंप वॉक किया।
हालांकि, वह टॉप-12 में शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन उनकी उपस्थिति ने भारत का प्रतिनिधित्व सफलतापूर्वक किया।
Manika Vishwakarma, Miss India , se lució en la pasarela de traje de gala durante el Miss Universo 2025 ✨. ¿Qué te pareció su participación? pic.twitter.com/4DqQPvn5H6
— Diario El Heraldo (@diarioelheraldo) November 19, 2025
एक संदेश जो फ़ातिमा की जीत से मिलता है
फ़ातिमा बॉस की जीत केवल एक खिताब तक सीमित नहीं है।
यह उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी कमजोरियों और समाज की नकारात्मक टिप्पणियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
उन्होंने साबित किया कि गरिमा के साथ खड़े होना और अपनी आवाज उठाना ही असली जीत है।

मिस यूनिवर्स 2025 की यह कहानी हमें सिखाती है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, इंसान की जिजीविषा और आत्मविश्वास उसे मंजिल तक पहुंचा सकता है।


