Assam Polygamy Bill Pass: असम सरकार ने बहुविवाह (पॉलिगामी) पर रोक लगाने के लिए एक सख्त कानून पारित किया है।
‘असम प्रोहिबिशन ऑफ पॉलिगामी बिल, 2024’ के तहत, बिना पहला विवाह विच्छेद किए दूसरी शादी करना अब एक गंभीर अपराध होगा, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
क्या हैं नए कानून के मुख्य नियम?
नए बिल में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं:
सामान्य सजा: यदि कोई व्यक्ति पहला विवाह वैध होते हुए भी दूसरी शादी करता है, तो उसे 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
बढ़ी हुई सजा: यदि कोई अपनी पहली पत्नी या परिवार को धोखा देकर दूसरा विवाह करता है, तो सजा बढ़कर 10 साल तक की कैद हो जाएगी।
दोहराने पर दोगुनी सजा: अगर कोई व्यक्ति इस अपराध को दोबारा करता पाया जाता है, तो हर बार सजा दोगुनी कर दी जाएगी।
सामाजिक प्रतिबंध: बहुविवाह करने वाले व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होंगे और निकाय चुनाव (जैसे नगर निगम या पंचायत का चुनाव) भी नहीं लड़ सकेंगे।
For 75 years, our Assembly saw more men than women. Today, Assam is correcting history, placing #NariShakti at the forefront.
With #Orunodoi, we consciously empower women because dignity, opportunity and progress must begin with them. pic.twitter.com/rRcSlzzzLu
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 28, 2025
हालांकि, इस कानून का दायरा पूरे राज्य पर एक समान नहीं है।
इसे छठी अनुसूची के क्षेत्रों (स्वायत्त जिला परिषद वाले इलाके) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों पर लागू नहीं किया गया है।
सरकार का तर्क है कि इन क्षेत्रों की स्थानीय प्रथाओं और स्वायत्तता का सम्मान करने के लिए यह छूट दी गई है।
With the passing of the Assam Prohibition of Polygamy Bill 2025, Assam moves toward a safer, stronger future for its women.
Grateful to Hon’ble Chief Minister Dr. @himantabiswa ji for this bold and historic initiative. pic.twitter.com/jATF0pxuti
— Dipayan Chakraborty (@Dipayan_Silchar) November 27, 2025
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार का लक्ष्य
इस बिल को पेश करते हुए असम सरकार ने इसे महिला अधिकारों और सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
सरकार का मानना है कि बहुविवाह की प्रथा में अक्सर महिलाओं को ही सबसे ज्यादा भावनात्मक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
यह कानून महिलाओं की गरिमा और कानूनी हक़ की रक्षा करने, और परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।
असम विधान सभा ने बहुविवाह पर रोक लगाने के लिए एक नया कानून पारित किया है, जिसमें दोषी को 10 वर्षों तक जेल की सजा हो सकती है। pic.twitter.com/npH5J216BW
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 28, 2025
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान
विधानसभा में बिल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है।
उन्होंने कहा, “इस्लाम बहुविवाह को बढ़ावा नहीं दे सकता। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो आपको एक सच्चा मुसलमान होने का मौका मिलेगा।”
उन्होंने तुर्की और पाकिस्तान जैसे मुस्लिम बहुल देशों में भी बहुविवाह पर प्रतिबंध का हवाला दिया।
Assam fought child marriage with courage, protecting our daughters with firm action and shaping reforms with compassion.
Through #NijutMoina, hope turned into opportunity putting 50,000 more girls in colleges across Assam and with dropouts nearly eliminated. pic.twitter.com/YVCC5pVuwx
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 28, 2025
असम में लागू होगा UCC
सीएम सरमा ने भविष्य की अपनी योजना का ऐलान करते हुए कहा कि यदि वे अगली सरकार बनाते हैं, तो अपने पहले ही सत्र में असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करेंगे।
साथ ही, उन्होंने ‘लव-जिहाद’ और ‘धोखे से की गई शादी’ के खिलाफ भी जल्द ही एक कानून लाने की बात दोहराई।
Himanta Da goes full steam ahead, Assam Assembly passes the Prohibition of Polygamy Bill to safeguard women
— He now makes his biggest promise yet: a Uniform Civil Code in Assam if he returns as CM.
Equal rights, one law for all, and zero appeasement pic.twitter.com/8HebUaB8a7— The Analyzer (News Updates️) (@Indian_Analyzer) November 27, 2025
असम ने बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देश में एक नई कानूनी और सामाजिक बहस छेड़ दी है, जिसका मकसद महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।


