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लोकसभा में TMC सांसद पर ई-सिगरेट पीने का आरोप: अनुराग ठाकुर बोले- सदन की मर्यादा का सवाल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

E-cigarette in Parliament: 11 दिसंबर, गुरुवार को लोकसभा के शीतकालीन सत्र में एक नए विवाद ने जोर पकड़ा।

यहां केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर सदन के अंदर ई-सिगरेट पीने का आरोप लगाया।

इस गंभीर आरोप के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सदन की मर्यादा का सवाल: अनुराग ठाकुर ने उठाया मुद्दा

बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने नाम लिए बिना शिकायत करते हुए कहा कि एक टीएमसी सांसद सदन के अंदर ई-सिगरेट पी रहे हैं।

उन्होंने इस कृत्य को सदन की मर्यादा और नियमों के खिलाफ बताया।

ठाकुर ने जोर देकर कहा, “संसद की कार्यवाही के दौरान ऐसा करना, सिर्फ नियमों का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि यह सदन की मर्यादा के खिलाफ भी है। संसद वह जगह है, जहां देश के करोड़ों लोग उम्मीद के साथ देखते हैं।”

स्पीकर ओम बिरला ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

इन आरोपों पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तत्काल प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियमों के तहत सदन के अंदर ई-सिगरेट पीने की कोई छूट नहीं है।

स्पीकर ने कहा, “अगर ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में आता है और प्रमाण मिलते हैं, तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक उन्हें इस बाबत कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सदन के किसी भी नियम का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

क्या है ई-सिगरेट और भारत में क्यों है बैन?

ई-सिगरेट एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो निकोटिन युक्त तरल को वाष्पित करके उसे सांस के साथ अंदर लेने का काम करता है।

इसे अक्सर पारंपरिक सिगरेट का कम नुकसानदेह विकल्प बताया जाता था, लेकिन स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए भारत सरकार ने सितंबर 2019 में एक अध्यादेश जारी कर ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019’ (PECA) लागू किया।

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इस कानून के तहत ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, बिक्री, वितरण और विज्ञापन पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

यह कदम विशेष रूप से युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया था।

ऐसे में संसद भवन जैसे सार्वजनिक स्थान पर इसका उपयोग गंभीर नियम विरोधी कार्य माना जाएगा।

ई-सिगरेट विवाद के अलावा भी आज का दिन संसद में कई मोर्चों पर चर्चा और टकराव का गवाह रहा:

पेट्रोलियम मंत्री को स्पीकर का टोका:

विपक्ष के सवालों का जवाब देते समय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने कोट की जेब में हाथ डाल रखा था।

स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें तत्काल टोकते हुए कहा कि “माननीय सांसद जेब से हाथ निकालकर जवाब दें,” जिसके बाद मंत्री ने ऐसा ही किया।

राहुल गांधी vs अमित शाह:

चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को खुली बहस की चुनौती दी।

उन्होंने दावा किया कि कल के अपने भाषण में शाह “घबराए हुए और नर्वस” दिखे और उनके हाथ कांप रहे थे।

इस पर गृह मंत्री ने भी जवाबी तंज कसा। तीखी बहस के बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

वंदे मातरम् पर बहस जारी:

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को वही सम्मान मिलना चाहिए जो राष्ट्रीय गान और ध्वज को मिलता है

। उन्होंने कांग्रेस पर ऐतिहासिक मुद्दों पर समझौता करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर ‘हिट-एंड-रन’ फॉर्मूले का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह सच सुनने की हिम्मत नहीं रखते।

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