Winter home tips: भारत के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जैसे-जैसे पारा गिरता है, घर के अंदर का वातावरण भी बर्फीला होने लगता है।
ऐसे में अधिकतर लोग इलेक्ट्रिक हीटर या ब्लोअर का सहारा लेते हैं। हालांकि, हीटर का अधिक उपयोग न केवल बिजली के बिल को आसमान पर पहुंचा देता है, बल्कि यह हवा की नमी को सोख लेता है, जिससे त्वचा में रूखापन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसे में अगर आप स्वास्थ्य और बजट दोनों का ध्यान रखना चाहते हैं, तो आप कुछ स्मार्ट बदलावों के जरिए बिना हीटर के भी अपने घर को प्राकृतिक रूप से गर्म रख सकते हैं।
आइए जानते हैं कैसे:
1. भारी और थर्मल पर्दों का जादू
खिड़कियां घर में ठंडक आने का मुख्य जरिया होती हैं।
सर्दियों के मौसम में हल्के और जालीदार पर्दों को हटाकर मोटे ‘थर्मल कर्टन्स’ या वेलवेट के पर्दे लगाएं।
गहरे रंग (जैसे मैरून, डार्क ब्लू) धूप की गर्मी को सोखते हैं और उसे कमरे के अंदर ही रोक कर रखते हैं।
दिन के समय जब धूप खिली हो, तो पर्दे हटा दें ताकि प्राकृतिक रोशनी कमरे को गर्म कर सके, लेकिन सूरज ढलते ही पर्दों को बंद कर दें।
2. दरारों और गैप्स की घेराबंदी
क्या आपको महसूस होता है कि खिड़की या दरवाजे बंद होने के बाद भी ठंडी हवा अंदर आ रही है?
अक्सर दरवाजों के नीचे और खिड़कियों के कोनों में छोटे गैप रह जाते हैं।
इन्हें सील करने के लिए आप ‘डोर ड्राफ्ट स्टॉपर’ (Door Draft Stopper) का उपयोग कर सकते हैं।
पुराने कपड़ों की पोटली बनाकर या कार्डबोर्ड और बबल रैप की मदद से भी इन रास्तों को बंद किया जा सकता है।
3. रोशनी का सही चुनाव
घर की लाइटिंग का तापमान पर सीधा असर पड़ता है।
सफ़ेद ‘एलईडी’ लाइट आंखों को तो सुकून देती है लेकिन वातावरण को ठंडा अहसास कराती है।
सर्दियों में ‘वार्म येलो’ या ऑरेंज शेड वाली लाइट का प्रयोग करें।
ये लाइटें कमरे में एक मनोवैज्ञानिक और वास्तविक गर्माहट पैदा करती हैं।
शाम के समय कुछ मोमबत्तियां जलाना भी एक अच्छा विकल्प है, जो रोशनी के साथ-साथ थोड़ी गर्मी भी प्रदान करती हैं।
4. फर्श को पहनाएं कारपेट का कवच
सर्दियों में नंगे पैर ठंडे फर्श पर चलना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है।
फर्श से निकलने वाली ठंडक पूरे कमरे के तापमान को गिरा देती है।
इससे बचने के लिए कमरों में मोटे कालीन (Carpet) या दरी बिछाएं।
जूट या ऊनी कारपेट न केवल पैरों को आराम देते हैं, बल्कि कमरे की गर्मी को बाहर जाने से भी रोकते हैं।
5. फर्नीचर की सही सेटिंग
दीवारों के किनारे अक्सर ज्यादा ठंडे होते हैं।
अगर आपका सोफा या बेड खिड़की के एकदम पास या बाहरी दीवार से सटा हुआ है, तो उसे थोड़ा हटाकर कमरे के बीच के हिस्से में रखें।
इसके अलावा, फर्नीचर को ऐसी जगह शिफ्ट करें जहां दिन में सीधी धूप आती हो, ताकि बैठने की जगह प्राकृतिक रूप से गर्म रहे।
6. बेड के लिए चुनें गरम कपड़े
सर्दियों में सूती (Cotton) चादरें बहुत ठंडी महसूस होती हैं।
इनकी जगह फलालैन (Flannel) या ऊनी चादरों का उपयोग करें।
अगर आपके पास गर्म बेडशीट नहीं है, तो एक पुरानी ट्रिक अपनाएं: बिस्तर पर गद्दे के ऊपर एक मोटा कंबल बिछाएं और फिर उसके ऊपर चादर लगाएं।
यह गद्दे की गर्मी को शरीर तक पहुंचाने में मदद करेगा।
7. हॉट वाटर बैग की मदद
हॉट वाटर बैग केवल दर्द निवारक ही नहीं, बल्कि एक पोर्टेबल हीटर की तरह काम करता है।
सोने से 10 मिनट पहले रजाई के अंदर एक गरम पानी की थैली रख दें, जिससे बिस्तर गर्म हो जाएगा और आपको कंपकपी महसूस नहीं होगी।
8. छत (Terrace) का प्रबंधन
अगर आप सबसे ऊपरी मंजिल (Top Floor) पर रहते हैं, तो छत की ठंडक सीधे आपके कमरे में आएगी।
छत पर रखे हुए भारी गमले या नमी वाली चीजों को हटा दें या उन्हें किनारों पर कर दें।
छत का फर्श जितना सूखा और खाली रहेगा, सूरज की रोशनी उसे उतना ही गर्म कर पाएगी, जिससे नीचे वाले कमरे का तापमान भी स्थिर रहेगा।
घर को गर्म रखने के लिए महंगे उपकरणों की नहीं, बल्कि सूझबूझ की जरूरत होती है।
इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप न केवल बिजली बचा सकते हैं, बल्कि एक स्वस्थ और आरामदायक वातावरण में सर्दियों का आनंद ले सकते हैं।


