Homeन्यूज"लोग मर रहे और नेता झूला झूल रहे, यह डूब मरने वाली...

“लोग मर रहे और नेता झूला झूल रहे, यह डूब मरने वाली बात”, इंदौर पानी कांड पर दिग्विजय का तीखा बयान

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Digvijay Singh Pandit Pradeep Mishra: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।

एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।

दिग्विजय सिंह ने जहां नैतिक पतन और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए, वहीं पटवारी ने सरकार पर मौतों के आंकड़े छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है।

दिग्विजय सिंह का कड़ा रुख: पार्षद और धर्मगुरु निशाने पर

रविवार को ग्राम खेरी में पंचायत कांग्रेस कमेटी के गठन के दौरान दिग्विजय सिंह का गुस्सा फूट पड़ा।

उन्होंने इंदौर की घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि जब शहर के लोग गंदा पानी पीने से अपनी जान गंवा रहे हैं, तब स्थानीय जनप्रतिनिधि (पार्षद) उत्सव मना रहे हैं और झूला झूल रहे हैं।

उन्होंने कहा, “इससे ज्यादा संवेदनहीनता और क्या हो सकती है कि जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और सत्ता में बैठे लोग आनंद ले रहे हैं।”

Digvijaya Singh Indore High Court, PIL, Loudspeaker, Mosque, Mob Lynching, Ram Mandir Fund, Communal Violence, Supreme Court Guidelines, Madhya Pradesh, MP News, Digvijaya Singh High Court,

मैं प्रदीप मिश्रा को संत नहीं मानता

दिग्विजय सिंह ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर भी विवादास्पद टिप्पणी की।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं प्रदीप मिश्रा को संत नहीं मानता। वे केवल एक वक्ता हैं जो चर्चा में बने रहने के लिए कुछ भी बोल देते हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम विदेश में गांधी जी का सम्मान करते हैं, लेकिन देश में उनके नाम की योजनाओं को बदल रहे हैं।

pandit pradeep mishra, bageshwar baba, Dhirendra Shastri, angry on pahalgam attack pahalgam attack,
Pradeep Mishra

पंचायत स्तर पर कांग्रेस की घेराबंदी

संगठन को मजबूत करने के इरादे से दिग्विजय सिंह ने घोषणा की कि अब कांग्रेस की लड़ाई गांवों और पंचायतों से शुरू होगी।

उन्होंने ‘पंचायत कांग्रेस कमेटी’ का ढांचा तैयार किया है, जिसमें यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और आईटी सेल के सदस्य शामिल होंगे।

खास बात यह है कि पार्टी अब आत्मनिर्भर बनने के लिए पंचायत स्तर पर ही फंड जुटाएगी, ताकि स्थानीय कार्यक्रमों का खर्च वहीं से निकाला जा सके।

उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि आज बिना रिश्वत के नामांतरण जैसे छोटे काम भी नहीं हो रहे हैं।

जीतू पटवारी का खुलासा: 17 नहीं, 30 मौतें हुई हैं

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इस मामले में और भी विस्फोटक दावे किए हैं।

उन्होंने सरकार के 17 मौतों के आंकड़े को खारिज करते हुए कहा कि असल में 30 लोगों की जान जा चुकी है।

पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “इंदौर में प्रति व्यक्ति पानी पर 10 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं, फिर भी जनता को जहर जैसा पानी मिल रहा है। यह पूरी तरह से प्रशासनिक भ्रष्टाचार का नतीजा है।”

पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को पीड़ितों से मिलने और अस्पतालों में जाने से रोका जा रहा है ताकि सच बाहर न आ सके।

उन्होंने देवास के एसडीएम आनंद मालवीय के निलंबन को तानाशाही करार देते हुए कहा कि जो अधिकारी सच लिख रहा है, उसे प्रताड़ित किया जा रहा है।

11 जनवरी को महा-आंदोलन की तैयारी

इंदौर की इस त्रासदी के विरोध में कांग्रेस 11 जनवरी को एक बड़ा विरोध मार्च निकालने वाली है।

जीतू पटवारी ने संकेत दिए हैं कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।

कांग्रेस का लक्ष्य इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है ताकि सरकार की जवाबदेही तय की जा सके।

- Advertisement -spot_img