Mamata Banerjee Protest: कोलकाता में 8 जनवरी को ED द्वारा TMC के चुनावी रणनीतिकार (I-PAC) और आईटी सेल से जुड़े ठिकानों पर की गई छापेमारी ने एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
इस कार्रवाई के विरोध में 9 जनवरी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोलकाता की सड़क पर उतर आई हैं।
वहीं दिल्ली में पार्टी के सांसदों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई हैं।
कोलकाता में ममता का पैदल मार्च और FIR
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता की सड़कों पर एक विशाल विरोध रैली का नेतृत्व किया।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
इतना ही नहीं, ममता सरकार ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ कोलकाता और बिधाननगर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दो FIR भी दर्ज कराई हैं।
🚨I-PAC पर ED की छापेमारी के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ मार्च का नेतृत्व किया। pic.twitter.com/qoxXfQNjE8
— Survey Sarva (@Survey_Sarva) January 9, 2026
ममता का तर्क है कि एजेंसी बिना किसी ठोस आधार के उनके निजी डेटा के साथ छेड़छाड़ कर रही है।
दिल्ली में सांसदों का धरना और हिरासत
दिल्ली में टीएमसी के दिग्गज सांसद डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद गृह मंत्रालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों और दिल्ली पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कुछ सांसदों के गिरने की भी खबरें आईं।
पुलिस ने लगभग 8 सांसदों को हिरासत में लिया और करीब दो घंटे तक पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में रखने के बाद उन्हें रिहा किया।
यह ममता बनर्जी है दीदी ने कहा था बीजेपी ने अगर हमारे खिलाफ कुछ किया तो तो हम बीजेपी बुनियादें हिला देंगे पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक
Mamta Banerjee I-pac west bengal pic.twitter.com/r5PWqihXo6— Haq ki aawaj (@Johny_boy_143) January 9, 2026
ममता बनर्जी ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।
कोर्ट में हंगामा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इसी बीच कोलकाता हाईकोर्ट में जब ईडी की उस याचिका पर सुनवाई होनी थी जिसमें ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था, तब कोर्ट परिसर में भारी हंगामा हुआ।
वकीलों और समर्थकों की भीड़ के कारण न्यायाधीश ने सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी।
ED files plea before Calcutta High Court.
ED says Ms. Mamta Banerjee with the aid of police, forcibly took possession of all digital devices & key incriminating documents from possession of ED Assistant Director.
🔍 Both ED and TMC petitions against each other over raids on… pic.twitter.com/9KkzLQWjU0
— ARIKA🇮🇳🚩 (@nidhisj2001) January 9, 2026
मामले की शुरुआत: आईपैक (I-PAC) पर रेड
विवाद की जड़ गुरुवार को हुई ईडी की वह कार्रवाई है, जिसमें केंद्रीय एजेंसी ने कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और सॉल्टलेक स्थित आईपैक (I-PAC) के दफ्तर पर छापा मारा।
आईपैक वही संस्था है जो ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति तैयार करती है।
जैसे ही मुख्यमंत्री को इस छापेमारी की सूचना मिली, वे तुरंत आईपैक के दफ्तर पहुंच गईं।
ईडी मुख्यालय इकाई अनुप मजी के नेतृत्व वाले कोयला तस्करी गिरोह से जुड़े मामले में पीएमएलए के तहत 10 परिसरों (पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4) पर तलाशी अभियान चला रही है। यह गिरोह पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से कोयला चोरी और अवैध रूप से खनन करता था। पश्चिम बंगाल के… pic.twitter.com/Lbwh35vjdR
— ED (@dir_ed) January 9, 2026
ममता बनर्जी का आरोप है कि ईडी उनके चुनावी डेटा और पार्टी की गोपनीय फाइलों को चुराने की कोशिश कर रही है।
छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी कुछ फाइलें अपने साथ लेकर दफ्तर से बाहर निकलीं, जिस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
विपक्षी और सत्ता पक्ष के तर्क:
- टीएमसी (महुआ मोइत्रा): “यह हमारी संपत्ति है जहां ईडी डकैती करने आई थी। बीजेपी चुनाव से पहले हमारा डेटा चुराना चाहती है।”
#WATCH | Delhi | TMC MPs who were detained by police during their protest outside Union Home Minister Amit Shah’s office today, released from Parliament Street police station
TMC MP Mahua Moitra says, “It is our property where ED came in to do robbery. All our election data is… pic.twitter.com/SdK5Eq1R9Z
— ANI (@ANI) January 9, 2026
- बीजेपी (रवि शंकर प्रसाद): “ममता बनर्जी की कार्रवाई असंवैधानिक है। स्वतंत्र भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई मुख्यमंत्री जांच एजेंसी के काम में इस तरह हस्तक्षेप करे।”
- कांग्रेस और सीपीआई: विपक्षी दलों ने भी ईडी की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं, हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा फाइलें ले जाने के मुद्दे पर स्पष्टीकरण की मांग भी की है।


