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हाथ में मेडल होने के बाद भी क्यों नोबेल पुरस्कार विजेता नहीं कहलाएंगे ट्रंप, जानें नियम

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Donald Trump Nobel Prize: आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वो सपना पूरा हो ही गया जो वो सालों से देख रहे थे।

वेनेजुएला की विपक्षी नेता और 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने 16 जनवरी, शुक्रवार को वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में अपना नोबेल मेडल ट्रंप को गिफ्ट कर दिया।

ट्रंप, जो लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जताते रहे हैं, उन्होंने इस उपहार को बड़े गर्व के साथ स्वीकार किया।

लेकिन इस ‘गिफ्ट’ ने एक बड़ा संवैधानिक और कानूनी सवाल खड़ा कर दिया है क्या पदक मिलने मात्र से ट्रंप अब नोबेल विजेता कहलाएंगे?

क्यों दिया मचाडो ने अपना मेडल?

वेनेजुएला में राजनीतिक उथल-पुथल और मादुरो सरकार के पतन के बाद मचाडो और ट्रंप के रिश्ते काफी चर्चा में रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि यह मचाडो की ‘गिफ्ट डिप्लोमेसी’ है।

वेनेजुएला की सत्ता में अपनी भूमिका को सुरक्षित करने और ट्रंप का समर्थन पाने के लिए मचाडो ने अपना सबसे कीमती सम्मान दांव पर लगा दिया।

ट्रंप ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर इसकी सराहना करते हुए इसे ‘आपसी सम्मान का प्रतीक’ बताया है।

नोबेल संस्थान का स्पष्ट रुख: मेडल आपका, खिताब नहीं

जैसे ही यह खबर फैली, नॉर्वे स्थित नोबेल संस्थान ने नियमों की स्थिति स्पष्ट कर दी।

संस्थान ने साफ किया कि “एक पदक के मालिक बदल सकते हैं, लेकिन नोबेल विजेता की उपाधि नहीं।”

इसका सीधा अर्थ यह है कि ट्रंप के पास वह सोने का सिक्का (मेडल) तो रह सकता है, लेकिन इतिहास की किताबों में और नोबेल फाउंडेशन के आधिकारिक रिकॉर्ड में साल 2025 के विजेता के रूप में केवल मारिया कोरिना मचाडो का ही नाम रहेगा।

Donald Trump Nobel Prize

नोबेल पुरस्कार के कड़े नियम: जिन्हें बदला नहीं जा सकता

नोबेल फाउंडेशन के चार्टर और नियमों (Statutes) के अनुसार, यह पुरस्कार कोई सामान्य वस्तु नहीं है जिसे किसी और को सौंपा जा सके। इसके मुख्य नियम इस प्रकार हैं:

  1. एक बार जब नोबेल कमेटी विजेता के नाम की घोषणा कर देती है, तो उसे बदला या रद्द नहीं किया जा सकता।

  2. नोबेल पुरस्कार को न तो किसी को गिफ्ट किया जा सकता है और न ही बेचा जा सकता है (उपाधि के तौर पर)। आप मेडल किसी को दे सकते हैं, लेकिन ‘नोबेल लॉरिएट’ होने का सम्मान नहीं दे सकते है।

  3. घोषणा के बाद पुरस्कार को किसी नए व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जा सकता।

  4. मेडल 18 कैरेट सोने से बना होता है और वह विजेता की व्यक्तिगत संपत्ति है। विजेता इसे बेच सकता है या दान कर सकता है, लेकिन प्राप्तकर्ता को केवल ‘सोने का पदक’ मिलता है, ‘नोबेल विजेता’ का पद नहीं।

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मेडल की खासियत: 120 साल से नहीं बदला डिजाइन

नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल अपने आप में कला का बेजोड़ नमूना है।

  • धातु और वजन: यह लगभग 196 ग्राम वजन का होता है और शुद्ध सोने (18 कैरेट) से बना होता है जिस पर 24 कैरेट सोने की परत होती है।

  • डिजाइन: पिछले 120 वर्षों से इसका डिजाइन नहीं बदला है। इसके एक तरफ अल्फ्रेड नोबेल की आकृति है और दूसरी तरफ तीन पुरुषों का समूह है, जो विश्व बंधुत्व और भाईचारे का संदेश देता है।

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ट्रंप की नोबेल की चाहत और विवाद

डोनाल्ड ट्रंप वर्षों से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं।

वे अक्सर दावा करते हैं कि उन्होंने दुनिया में कई युद्ध रुकवाए और शांति समझौते कराए, इसलिए वे इसके हकदार हैं।

जब 2025 में यह पुरस्कार मचाडो को मिला, तो ट्रंप की नाराजगी की खबरें भी आई थीं।

अब मचाडो द्वारा उन्हें यह मेडल भेंट करना, ट्रंप की उस पुरानी ‘हसरत’ को पूरा करने जैसा है।

राजनीतिक दृष्टि से यह ट्रंप के लिए एक बड़ी प्रतीकात्मक जीत हो सकती है, लेकिन तकनीकी और कानूनी रूप से वे अब भी ‘नोबेल शांति पुरस्कार विजेता’ नहीं हैं।

दुनिया उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देख सकती है जिसके पास नोबेल मेडल है, लेकिन आधिकारिक सूची में उनका नाम शामिल होने के लिए उन्हें नोबेल कमेटी द्वारा स्वयं नामांकित और चयनित होना होगा।

फिलहाल, यह मेडल व्हाइट हाउस की शोभा तो बढ़ाएगा, लेकिन ट्रंप के नाम के आगे ‘नोबेल लॉरिएट’ का टैग नहीं लगा पाएगा।

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