Toll Plaza FASTag New Rules: अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है।
भारत सरकार देश के सड़क नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।
1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद (Cash) भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है।
इसका सीधा मतलब है कि अब आपकी गाड़ी में न सिर्फ FASTag का होना अनिवार्य है, बल्कि उसमें पर्याप्त बैलेंस होना भी जरूरी होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम को खत्म करना है।
वर्तमान में, कैश लेन के कारण अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों का कीमती समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं।
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— News18 Rajasthan (@News18Rajasthan) January 16, 2026
मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत अब एक ‘डिजिटल इकोनॉमी’ बन चुका है, और टोलिंग सिस्टम को भी उसी स्तर पर ले जाना समय की मांग है।
अब कैसे होगा भुगतान?
1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर केवल दो ही माध्यमों से भुगतान स्वीकार किया जाएगा:
- FASTag: जो आपके वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा होता है और रेडियो फ्रीक्वेंसी (RFID) तकनीक से काम करता है।
- UPI: अगर किसी कारणवश टैग में समस्या आती है, तो आप अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे।

कैश वैन और कैश लेन का होगा अंत
अब तक हर टोल प्लाजा पर कुछ लेन विशेष रूप से नकद भुगतान के लिए रखी जाती थीं।
लेकिन नए नियमों के बाद, इन कैश लेन को हटा दिया जाएगा।
टोल प्लाजा से कैश संभालने वाली वैन और मैन्युअल वसूली की प्रक्रिया भी खत्म हो जाएगी।
इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल वसूली में होने वाली मानवीय गलतियों या विवादों की संभावना कम हो जाएगी।

‘बैरियर-फ्री’ टोलिंग: भविष्य की तैयारी
यह फैसला सिर्फ कैश बंद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम की नींव है।
सरकार की योजना है कि आने वाले समय में हाईवे पर कोई फिजिकल टोल बूथ या बैरियर ही न हो।
आपकी गाड़ी हाईवे से गुजरेगी और वहां लगे हाई-टेक कैमरे आपकी नंबर प्लेट या टैग को पहचान कर अपने आप खाते से पैसे काट लेंगे।
इससे आपको टोल देने के लिए गाड़ी की रफ्तार धीमी करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

पायलट प्रोजेक्ट और यात्रियों को सलाह
इस नई तकनीक (MLFF) को परखने के लिए सरकार ने देश के 25 प्रमुख टोल प्लाजा को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना है।
यहां की सफलता के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस बदलाव के लिए तैयार रहें।
1 अप्रैल से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि:
- आपकी गाड़ी पर लगा FASTag सक्रिय (Active) है।
- टैग की KYC पूरी हो चुकी है।
- सफर पर निकलने से पहले वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस है।

डिजिटल टोलिंग का यह कदम न केवल प्रदूषण कम करने में मदद करेगा (क्योंकि गाड़ियां स्टार्ट खड़ी नहीं रहेंगी), बल्कि यह देश के लॉजिस्टिक सेक्टर को भी गति देगा।
तो अगली बार जब आप हाईवे पर निकलें, तो चिल्लर या नोटों के बजाय अपने FASTag और स्मार्टफोन पर भरोसा करें।


