Supreme Court on Vijay Shah मध्य प्रदेश के कद्दावर मंत्री विजय शाह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
सोमवार, 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक मंचों से दिए गए अपमानजनक बयानों के लिए केवल ‘ऑनलाइन माफी’ पर्याप्त नहीं है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने दो टूक कहा कि अब माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: “आप बेनकाब हो चुके हैं”
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विजय शाह के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने सोशल मीडिया और वीडियो के माध्यम से कई बार माफी मांगी है।
इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “आप एक पब्लिक फिगर हैं। आप लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। बोलते समय आपको अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए था।”
कोर्ट ने आगे कहा कि माफी मांगने का एक समय होता है। जब मामला कानूनी पेचीदगियों में फंस गया और जांच पूरी हो गई, तब माफी मांगना केवल कार्रवाई से बचने का एक रास्ता नजर आता है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह मामला अब केवल माफी से शांत होने वाला नहीं है। अब बहुत देर हो चुकी है।

राज्य सरकार को 2 हफ्ते का अल्टीमेटम
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘अभियोजन की मंजूरी’ (Prosecution Sanction) का है।
विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की औपचारिक अनुमति नहीं दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस सुस्ती पर कड़ी नाराजगी जताई।
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित था, इसलिए उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया।
बेंच ने इस तर्क को खारिज करते हुए निर्देश दिया कि सरकार 2 सप्ताह के भीतर तय करे कि वह मंत्री पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देती है या नहीं।
Supreme Court Asks MP Govt To Decide On Sanction To Prosecute Minister Vijay Shah Over Remarks Against Colonel Sofiya Qureshi |@TheBeshbaha #SupremeCourt #MadhyaPradesh https://t.co/MUbcQH6lQU
— Live Law (@LiveLawIndia) January 19, 2026
क्या था पूरा विवाद?
विवाद की जड़ें 11 मई 2025 की उस सभा में हैं, जब मंत्री विजय शाह इंदौर के महू स्थित रायकुंडा गांव में ‘हलमा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी की थी।
उन्होंने आतंकियों के संदर्भ में बात करते हुए कर्नल सोफिया को लेकर ऐसी शब्दों का प्रयोग किया, जिसे सेना और नारी शक्ति के अपमान के तौर पर देखा गया।
इस बयान के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था और विजय शाह का काफी विरोध भी हुआ।
Utterly derogatory, communal and sexist remark made by a BJP MP minister Kunwar Vijay Shah against Col Sofia Quereshi. . And it wasn’t off the cuff either (don’t miss the applause from his chamchas on stage) . Shocking beyond belief. What is the use of ‘nationalist’ flag waving… pic.twitter.com/pZ8VboyAoV
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) May 13, 2025
तीन बार मांगी माफी, फिर भी राहत नहीं
विजय शाह ने इस मामले को शांत करने के लिए एक नहीं बल्कि तीन बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी:
- 13 मई 2025: कर्नल सोफिया को ‘सैल्यूट’ किया और कहा कि विपरीत परिस्थितियों में मुंह से कुछ गलत निकल गया।
- 14 मई 2025: खुद को ‘शर्मिंदा’ बताते हुए कहा कि सोफिया जी ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम किया है।
- 23 मई 2025: एक वीडियो जारी कर इसे ‘भाषाई भूल’ करार दिया और हाथ जोड़कर देशवासियों से क्षमा मांगी।
हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि मामला हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ और इसमें सेना की गरिमा शामिल थी, इसलिए व्यक्तिगत माफी कानूनी दंड से बचने का आधार नहीं बन सकी।

विवाद की टाइमलाइन: 11 मई से अब तक
इस केस की रफ्तार ने मध्य प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख दिया है:
- 11 मई 2025: महू में विवादित बयान दिया गया।
- 14 मई 2025: हाईकोर्ट के आदेश पर मानपुर थाने में FIR दर्ज हुई।
- 19 मई 2025: सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार दखल दिया और SIT का गठन किया।
- मई-जुलाई 2025: SIT ने महू, इंदौर और जबलपुर में गवाहों के बयान लिए और मंत्री से पूछताछ की।
- 19 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा और माफी को खारिज किया।

राजनीति और मर्यादा का सबक
यह मामला दर्शाता है कि देश की रक्षा करने वाली बेटियों और सेना के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने पर कानून किसी को नहीं बख्शता, चाहे वह कितने भी बड़े पद पर क्यों न बैठा हो।
अब सबकी नजरें मध्य प्रदेश सरकार के अगले कदम पर हैं।
क्या सरकार अपने मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की हरी झंडी देगी? इसका फैसला आने वाले दो हफ्तों में हो जाएगा।


