Burhanpur Farmer Protest: मंगलवार को बुरहानपुर कलेक्ट्रेट परिसर में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
आमतौर पर लोग सरकारी दफ्तरों में फाइलें लेकर चक्कर काटते नजर आते हैं, लेकिन नागझरी पंचायत के ग्राम गुलई निवासी किसान लखन पटेल फूल-माला लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
लखन ने यहां गेट पर नारियल फोड़कर बाकायदा पूजा-अर्चना की। जिसके बाद यहां लोगों की भीड़ लग गई।
क्या है पूरा मामला?
लखन पटेल का यह अनोखा कदम कोई खुशी का इजहार नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ उनका दर्द और आखिरी उम्मीद है।
लखन ने अपनी ग्राम पंचायत से जुड़ी कुछ जानकारियां प्राप्त करने के लिए सूचना के अधिकार (RTI) के तहत आवेदन दिया था।

उनका आरोप है कि पंचायत सचिव विजय महाजन ने उन्हें करीब एक महीने तक जानकारी देने के नाम पर परेशान किया और इधर-उधर भटकाया।
भ्रष्टाचार और अधिक शुल्क का आरोप:
किसान का कहना है कि सूचना का अधिकार कानून के तहत फोटोकॉपी का शुल्क ₹2 प्रति पेज निर्धारित है, लेकिन उनसे ₹12 प्रति पेज के हिसाब से कुल ₹6180 वसूल लिए गए।
यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक आम ग्रामीण की जेब पर सीधा डाका है।

अधिकारियों की बेरुखी:
हैरानी की बात यह है कि जब किसान ने इस आर्थिक शोषण की शिकायत जनपद पंचायत के सीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की, तो उन्हें इंसाफ मिलने के बजाय कथित तौर पर धमकाया गया।
हार मानकर लखन पटेल ने कलेक्ट्रेट को ‘भगवान रूपी कलेक्टर का मंदिर’ मान लिया और गेट पर ही मत्था टेक दिया।
उनका मानना है कि अब शायद इस ‘मंदिर’ में उनकी सुनवाई हो जाए।

इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है।
कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष रविंद्र महाजन ने इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर हर्ष सिंह से शिकायत करने की बात कही है।
फिलहाल, यह वाकया पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है कि एक नागरिक को अपनी जायज बात मनवाने के लिए इस तरह का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।


