Rambhadracharya on Avimukteshwaranand: माघ मेले के दौरान संगम स्नान को लेकर छिड़ा विवाद अब संतों के बीच भी पहुंच गया है।
हाल ही में ग्वालियर पहुंचे पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के आचरण को ‘शास्त्र विरुद्ध’ बताते हुए स्पष्ट किया कि धर्म और मर्यादा से ऊपर कोई नहीं है।
‘वो तो अभी जगद्गुरु भी नहीं’
रामभद्राचार्य महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं तो जगद्गुरु हूं, लेकिन वह तो अभी जगद्गुरु की श्रेणी में भी नहीं आते।”
उन्होंने प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोके जाने की घटना को न्यायसंगत बताया।
रामभद्राचार्य का तर्क है कि जब पुलिस और प्रशासन ने मर्यादा का हवाला देते हुए उन्हें रोका था, तो उन्हें रुकना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि गंगा तक रथ या पालकी में बैठकर जाना शास्त्रों के नियमों का उल्लंघन है।
स्वयं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं संगम स्नान के लिए पैदल जाते हैं।
#WATCH | Gwalior | On Swami Avimukteshwaranand, Spiritual Leader Jagadguru Rambhadracharya says,” He was not subjected to injustice, but he has done injustice. The rule is that one cannot travel to Ganga ghat using a chariot. Police had stopped him. We too go to Sangam on foot.… pic.twitter.com/Eai4nlxGs8
— ANI (@ANI) January 21, 2026
ये पहला मौका नहीं है जब रामभद्राचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना की है। इससे पहले भी वो उनके शंकराचार्य पद के बारे में सवाल उठा चुके हैं।
“मैं इसकी कुंडली निकाल दूंगा तो इसको बहुत बुरा लग जाएगा शॉर्टकट में समझ लीजिए जो कश्मीर में धारा 370 वापस लाना चाहता हूं जो उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की बात करता हो जो हिंदू जोड़ो यात्रा का विरोध करता हो वह हिंदूनिष्ठ और देशभक्त नहीं हो सकता है।”
जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज जी को सुनिए
अविमुक्तेश्वरानंद के बारे में कह रहे हैं मैं इसकी कुंडली निकाल दूंगा तो इसको बहुत बुरा लग जाएगा
शॉर्टकट में समझ लीजिए जो कश्मीर में धारा 370 वापस लाना चाहता हूं जो उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की बात करता हो
जो हिंदू जोड़ो यात्रा… pic.twitter.com/mSLFX3oqtO
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) December 2, 2024
धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में हिंदुओं को ‘चार बच्चे पैदा करने’ की सलाह दी थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था।
इस मुद्दे पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य खुलकर उनके समर्थन में आए हैं।
उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को राष्ट्रहित और धर्म की रक्षा के लिए सही बताया।

दिग्विजय सिंह पर वार, ‘हिंदू’ शब्द की व्याख्या
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘हिंदू’ शब्द फारसी मूल का है, रामभद्राचार्य ने कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को शास्त्रों का लेशमात्र भी ज्ञान नहीं है।
उन्होंने तंत्र शास्त्र और प्राचीन सभ्यताओं का उदाहरण देते हुए बताया कि ‘हिंदू’ शब्द और उसकी परिभाषा हमारे पुरातन ग्रंथों और श्लोकों में स्पष्ट रूप से वर्णित है।
उन्होंने इसे सिंह की अज्ञानता करार देते हुए कहा कि जो व्यक्ति शास्त्रों को नहीं जानता, उसकी बातों पर अधिक टिप्पणी करना व्यर्थ है।
ग्वालियर, मध्य प्रदेश: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहूं तो, दिग्विजय सिंह को शास्त्रों के बारे में कुछ भी नहीं आता…” pic.twitter.com/tFK1WiwulO
— IANS Hindi (@IANSKhabar) January 21, 2026
काशी मूर्ति विवाद और सरकारी पक्ष
काशी के मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़े जाने की खबरों पर जगद्गुरु ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी जुटाई है। वहां कोई प्राचीन या प्रमाणित मूर्ति नहीं तोड़ी गई है, बल्कि घाट के विस्तार और सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई विधिवत स्थापित मूर्ति होती तो वे खुद इसका विरोध करते, लेकिन विकास कार्यों को गलत रंग देना उचित नहीं है।


