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जम्मू-कश्मीर में 400 फीट गहरी खाई में गिरी सेना की गाड़ी, 10 जवानों की मौत-11 घायल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Doda Indian Army Accident: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक दुखद घटना सामने आई है।

गुरुवार को भारतीय सेना का एक बुलेट प्रूफ वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया।

इस भीषण हादसे में सेना के 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

यह हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर स्थित ‘खन्नी टॉप’ इलाके के पास हुआ।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना का यह वाहन जवानों को लेकर एक ऊंचे पहाड़ी इलाके में स्थित चौकी (पोस्ट) की ओर जा रहा था।

रास्ते की स्थिति काफी खराब थी और सड़क पत्थरों से भरी हुई थी।

खन्नी टॉप के पास चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण गाड़ी सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी।

चश्मदीदों के मुताबिक, वाहन खाई में कई बार पलटियां खाते हुए नीचे गिरा, जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

बचाव और राहत कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक, पुलिस और सेना की अन्य टुकड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं।

खाई गहरी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि वाहन में कुल 21 जवान सवार थे।

हादसे के तुरंत बाद 11 गंभीर रूप से घायल जवानों को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से उधमपुर मिलिट्री अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया है।

शहीद जवानों के पार्थिव शरीरों को बरामद कर लिया गया है।

नेताओं ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा, “इस दुखद घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है। मैंने अधिकारियों को घायल सैनिकों के लिए सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।”

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी ट्वीट कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

Doda Indian Army Accident

क्षेत्र में सुरक्षा और चुनौतियां

गौरतलब है कि यह इलाका अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है।

हाल के दिनों में इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों की हलचल बढ़ी हुई थी क्योंकि 18 जनवरी को किश्तवाड़ में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हो गए थे।

ऐसे दुर्गम रास्तों पर आवाजाही सेना के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती बनी रहती है।

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