Manoj Muntashir on AR Rahman: हाल ही में ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी विवाद हो रहा है।
अब प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी उनके इस बयान से असहमति जताई है।
एक खास बातचीत में मनोज मुंतशिर ने बताया है कि उन्हें अपने करियर के दौरान कभी भी धर्म या जाति के आधार पर किसी भी तरह के पक्षपात का अनुभव नहीं हुआ।

रहमान पर गर्व है लेकिन
मनोज मुंतशिर ने रहमान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश उनकी प्रतिभा पर गर्व करता है, लेकिन उनके विचार इस मामले में अलग हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री हमेशा से ही धर्म से अलग रही है।
उन्होंने दिग्गज कलाकारों जैसे जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी, मजरूह सुल्तानपुरी और नौशाद का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस इंडस्ट्री की नींव ही ऐसे महान कलाकारों ने रखी हो, वहां भेदभाव की बात करना समझ से परे है।
Manoj Muntashir schools AR RAHMAN
He said “There is no discrimination in our industry” 🔥 pic.twitter.com/PRM2l6ZfqQ
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) January 21, 2026
‘पठान’ और ‘जवान’ की सक्सेस का उदाहरण दिया
मुंतशिर ने आंकड़ों का सहारा लेते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी फिल्मों ने 500 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और वैश्विक स्तर पर सफलता पाई।
ये फिल्में इस बात का सबूत हैं कि दर्शक और इंडस्ट्री केवल अच्छी कला और कलाकार का समर्थन करते हैं।
मुंतशिर ने आगे कहा जिस देश के सबसे बड़े सुपरस्टार सलमान, शाहरुख और आमिर है वहां भेदभाव हो ही नहीं सकता।
रामायण के म्यूजिक पर बोले
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ए.आर. रहमान खुद ‘छावा’ (जो वीर संभाजी महाराज पर आधारित है) और आने वाली भव्य फिल्म ‘रामायण’ का संगीत तैयार कर रहे हैं।

मुंतशिर के मुताबिक, अगर वास्तव में कोई भेदभाव होता, तो इतने बड़े और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स रहमान साहब के पास नहीं होते।
ए.आर. रहमान का वो बयान जिसने मचाया बवाल
पूरे विवाद की जड़ ए.आर. रहमान का वह इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर बात की थी।
रहमान ने कहा था कि पिछले 8 सालों में सत्ता बदलने के साथ-साथ निर्णय लेने वाले लोग भी बदल गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ‘सांप्रदायिक’ कारणों की वजह से उन्हें दरकिनार किया जा रहा है।
🚨 SHOCKING STATEMENT BY A.R RAHMAN
“Chhaava is a divisive film, it cashed on divisiveness. Urdu was the mother of Hindi film music in 1960s and 1970s”
“I have stopped getting work bcoz of shift in Power in India 🇮🇳”#ARRahman #Chhaava pic.twitter.com/s6CxfvFtGN
— Brightside of Bharat (@KushalSharma_89) January 17, 2026
हालांकि विवाद गहराता देख ए.आर. रहमान ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी किया।
उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
रहमान ने भारत को अपना गुरु और प्रेरणा बताया और कहा कि कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व है क्योंकि यह देश उन्हें अभिव्यक्ति की आजादी देता है।


