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रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ मिलाने से किया इंकार तो राहुल गांधी ने कहा- ‘गद्दार दोस्त’, मिला ये जवाब

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Rahul Gandhi vs Ravneet Bittu: 4 फरवरी की सुबह दिल्ली के संसद भवन के बाहर कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी को हैरान कर दिया।

दरअसल, मकर द्वार पर जब विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा था, तभी नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी बहस हुई।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। आइए जानते हैं पूरा विवाद…

बिट्टू ने किया हाथ मिलाने से इंकार

कांग्रेस सांसद हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

इसी दौरान राहुल गांधी का सामना रवनीत सिंह बिट्टू से हुआ।

राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाया। लेकिन भाजपा नेता बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया।

इस पर राहुल गांधी ने तंज कसते हुए उन्हें ‘गद्दार दोस्त’ कह दिया।

राहुल का इशारा बिट्टू के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने की तरफ था।

बिट्टू ने राहुल को कहा- देश का दुश्मन

जैसे ही राहुल ने ‘गद्दार’ शब्द का इस्तेमाल किया, बिट्टू बिफर पड़े।

उन्होंने तुरंत पलटवार करते हुए राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ कहा।

बिट्टू ने दो-टूक कहा कि उन्हें देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।

दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की तरफ उंगली उठाकर काफी देर तक बहस की, जिससे माहौल काफी गरमा गया।

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कौन हैं बिट्टू

बिट्टू महज 11 साल के थे जब उनके पिता का निधन हो गया।

इसके बाद 20 साल की उम्र में उन्होंने अपने दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को भी खो दिया, जिनकी 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।

वर्ष 2007 में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बिट्टू ने राजनीति में कदम रखा।

वे कांग्रेस के टिकट पर तीन बार (2009, 2014, 2019) सांसद रहे।

खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी आवाजों के मुखर आलोचक माने जाने वाले बिट्टू 2024 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए।

इस चुनाव में वह लुधियाना से पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से लगभग 20 हजार वोटों से हार गए।

चुनाव हारने के बावजूद केंद्र सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया रेल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी।

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विवादों का पुराना सिलसिला

यह पहली बार नहीं है जब दोनों में ठनी हो।

इससे पहले सितंबर 2024 में बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘देश का नंबर वन आतंकवादी’ तक कह दिया था।

बिट्टू का आरोप था कि राहुल विदेश जाकर सिखों और देश को बांटने वाली बातें करते हैं।

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