Homeन्यूज"अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया"- पाकिस्तानी...

“अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया”- पाकिस्तानी संसद में बोले ख्वाजा आसिफ

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

US Pakistan Relations: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में संसद में अपनी ही सरकारों और पिछले तानाशाहों के फैसलों पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने बहुत ही कड़वे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को सिर्फ अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

आसिफ के मुताबिक, जब अमेरिका का काम निकल गया, तो उसने पाकिस्तान को एक “टॉयलेट पेपर” की तरह फेंक दिया।

तानाशाहों की गलतियां और दो जंग

ख्वाजा आसिफ ने ऐतिहासिक गलतियों को गिनाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में दो बड़ी जंगें लड़ीं।

पहली 1979 में सोवियत संघ के खिलाफ और दूसरी 2001 में 9/11 हमलों के बाद।

उन्होंने साफ कहा कि ये पाकिस्तान की अपनी लड़ाई नहीं थी, बल्कि दो सैन्य तानाशाहों जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ ने अपनी सत्ता बचाने और वैश्विक शक्तियों (खासकर अमेरिका) का समर्थन पाने के लिए पाकिस्तान को इस आग में झोंक दिया।

Zia ul Haq
Zia ul Haq
Coup in Pakistan, Pakistan coup, Asim Munir, takhtapalat, meaning of coup, Shahbaz Sharif, Asif Ali Zardari, Bilawal Bhutto,
General Pervez Musharraf

आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि इन युद्धों को सही ठहराने के लिए पाकिस्तान के ‘एजुकेशन सिस्टम’ (शिक्षा प्रणाली) तक में बदलाव किए गए ताकि लोगों के मन में इस जंग के प्रति समर्थन पैदा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि हम आज भी उन गलत नरेटिव्स का खामियाजा भुगत रहे हैं।

आतंकवाद का सच और आज के हालात

रक्षा मंत्री ने बड़ी बेबाकी से माना कि पाकिस्तान में आज जो आतंकवाद है, वह उन्हीं पुरानी गलतियों का नतीजा है।

उन्होंने कहा कि हमने ‘मजहब’ और ‘इस्लाम’ के नाम पर दूसरों की लड़ाई लड़ी, लेकिन असल में वह सिर्फ सत्ता का खेल था।

Pakistan Defense Minister Khawaja Asif, US Pakistan Relations, Khawaja Asif on Terrorism, Pakistan Afghanistan War history, Pervez Musharraf and Zia ul Haq, US India Pakistan Policy,

पाकिस्तान ने इतिहास से कोई सबक नहीं सीखा और कभी रूस, कभी ब्रिटेन तो कभी अमेरिका के पीछे भागता रहा।

नतीजा यह हुआ कि आज इन देशों का पाकिस्तान पर प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।

क्लिंटन का दौरा और भारत-अमेरिका संबंध

आसिफ ने साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के पाकिस्तान दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वे भारत की लंबी यात्रा के बाद महज कुछ घंटों के लिए पाकिस्तान आए थे।

यह इस बात का सबूत था कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान की अहमियत सिर्फ जरूरत तक रह गई थी।

US Pakistan Relations

पाकिस्तान से रिश्ते भारत की कीमत पर नहीं

दूसरी ओर, वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका, पाकिस्तान से रिश्ते चाहता है लेकिन भारत की कीमत पर नहीं।

रुबियो ने भारत की कूटनीति की तारीफ करते हुए कहा कि भारत समझता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिश्तों का संतुलन कैसे बनाया जाता है।

ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तान के भीतर एक बड़ी राजनीतिक हलचल की ओर इशारा करता है।

यह पहली बार है जब इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पाकिस्तान की विदेश नीति “इस्तेमाल करो और फेंको” (Use and Throw) का शिकार रही है और देश का एजुकेशन सिस्टम प्रोपेगेंडा का हिस्सा बना।

- Advertisement -spot_img