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अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाने वाला पोस्ट हटाया, Trade Deal के बाद किया था पोस्ट

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

PoK and Aksai India Map: बुधवार को अमेरिका की प्रमुख व्यापारिक एजेंसी, यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने सोशल मीडिया से वो पोस्ट हटा लिया है जिसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया था।

दरअसल, आमतौर पर अमेरिकी एजेंसियां जम्मू-कश्मीर के विवादित हिस्सों (PoK और अक्साई चिन) को ‘डॉटेड लाइन्स’ या अलग रंग से दर्शाती हैं, जो यह संकेत देता है कि यह इलाका विवादित है।

लेकिन 7 फरवरी 2026 को किए गए इस पोस्ट में पूरे जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया था।

चर्चाओं का बाजार गर्म

जैसे ही यह नक्शा इंटरनेट पर आया, चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

कुछ विशेषज्ञों ने इसे भारत के प्रति अमेरिका के बढ़ते झुकाव के तौर पर देखा, तो कुछ ने इसे गलती बताया।

फिलहाल, अमेरिका ने इस पर कोई आधिकारिक बयान दिए बिना ही पोस्ट डिलीट कर दी है।

शहबाज शरीफ का बयान के टाइमिंग

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के इस मैप पोस्ट से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ (5 फरवरी) पर भड़काऊ बयान दिया था।

उन्होंने दावा किया था कि कश्मीर जल्द ही पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।

उन्होंने इसे पाकिस्तान की ‘लाइफ लाइन’ बताया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयानों के बीच अमेरिका का भारत के पक्ष वाला नक्शा जारी करना (चाहे गलती से ही सही) पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका था।

क्यों शेयर किया था मैप?

दरअसल, हर ट्रेड डील के बाद अमेरिका उस देश का मैप जारी करता है, जिसके साथ ट्रेड डील पूरी होती है।

भारत के बाद अमेरिका ने अर्जेंटीना, बांग्लादेश आदि देशों के साथ ट्रेड डील की थी, अमेरिकी विभाग ने इन देशों का भी मैप जारी किया था।

PoK: 77 सालों से जारी संघर्ष 

नक्शे के इस विवाद ने एक बार फिर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुद्दे को हवा दे दी है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 1947 में भारत आज़ाद हुआ।

उस वक्त जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने शुरू में स्वतंत्र रहने का फैसला किया था।

लेकिन, पाकिस्तान समर्थित कबीलाई हमलावरों ने कश्मीर पर धावा बोल दिया।

मदद के लिए महाराजा ने भारत के साथ हाथ मिलाया और ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’ पर साइन किए।

भारतीय सेना ने हमलावरों को पीछे धकेला, लेकिन जब तक युद्धविराम हुआ, पाकिस्तान कश्मीर के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुका था।

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भारत आज भी इसे अपना अटूट हिस्सा मानता है, जबकि पाकिस्तान इसे ‘आजाद कश्मीर’ कहता है।

2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बातचीत सिर्फ PoK को वापस लेने पर होगी।

अक्साई चिन: 1962 की जंग

नक्शे में दूसरा हिस्सा अक्साई चिन का था। यह लद्दाख का वो इलाका है जो लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

1950 के दशक में चीन ने चोरी-छिपे यहां सड़क बनानी शुरू की थी।

जब भारत को इसका पता चला, तो विरोध हुआ जो 1962 के युद्ध का कारण बना

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युद्ध के बाद से ही अक्साई चिन पर चीन का कब्जा है। लेकिन भारत इसे अपना हिस्सा मानता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन के दावे को नकारता रहा है।

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