PoK and Aksai India Map: बुधवार को अमेरिका की प्रमुख व्यापारिक एजेंसी, यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने सोशल मीडिया से वो पोस्ट हटा लिया है जिसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया था।
दरअसल, आमतौर पर अमेरिकी एजेंसियां जम्मू-कश्मीर के विवादित हिस्सों (PoK और अक्साई चिन) को ‘डॉटेड लाइन्स’ या अलग रंग से दर्शाती हैं, जो यह संकेत देता है कि यह इलाका विवादित है।
लेकिन 7 फरवरी 2026 को किए गए इस पोस्ट में पूरे जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया था।
The US Trade Representative’s office has removed a map of India showing PoK and Aksai Chin as part of Indian territory. The map was shared while announcing the latest US-India trade deal framework.
Its deletion sparked discussion on diplomatic sensitivities with Pakistan and… pic.twitter.com/6jwnsAb5lc— India Today Global (@ITGGlobal) February 11, 2026
चर्चाओं का बाजार गर्म
जैसे ही यह नक्शा इंटरनेट पर आया, चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
कुछ विशेषज्ञों ने इसे भारत के प्रति अमेरिका के बढ़ते झुकाव के तौर पर देखा, तो कुछ ने इसे गलती बताया।
फिलहाल, अमेरिका ने इस पर कोई आधिकारिक बयान दिए बिना ही पोस्ट डिलीट कर दी है।
STORY | USTR removes X post that showed PoK and Aksai Chin part of Indian territory
The office of the US Trade Representative has removed a social media post that featured a map of India showing the entire region of Jammu and Kashmir, including Pakistan-occupied Kashmir, as well… pic.twitter.com/DIo2zN1Pgi
— Press Trust of India (@PTI_News) February 10, 2026
शहबाज शरीफ का बयान के टाइमिंग
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के इस मैप पोस्ट से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ (5 फरवरी) पर भड़काऊ बयान दिया था।
उन्होंने दावा किया था कि कश्मीर जल्द ही पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।
उन्होंने इसे पाकिस्तान की ‘लाइफ लाइन’ बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयानों के बीच अमेरिका का भारत के पक्ष वाला नक्शा जारी करना (चाहे गलती से ही सही) पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका था।
🚨 Massive U Turns: US Makes Dual U-Turn on India: Trade Terms Softened, Map Post Deleted
In a significant diplomatic twist, the United States has quietly reversed course on two sensitive issues involving India, one economic and the other geopolitical.
First, the White House… pic.twitter.com/Z4nsXb3KEl
— Not Just Headlines (@Notjustheadline) February 11, 2026
क्यों शेयर किया था मैप?
दरअसल, हर ट्रेड डील के बाद अमेरिका उस देश का मैप जारी करता है, जिसके साथ ट्रेड डील पूरी होती है।
भारत के बाद अमेरिका ने अर्जेंटीना, बांग्लादेश आदि देशों के साथ ट्रेड डील की थी, अमेरिकी विभाग ने इन देशों का भी मैप जारी किया था।
PoK: 77 सालों से जारी संघर्ष
नक्शे के इस विवाद ने एक बार फिर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुद्दे को हवा दे दी है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 1947 में भारत आज़ाद हुआ।
उस वक्त जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने शुरू में स्वतंत्र रहने का फैसला किया था।
लेकिन, पाकिस्तान समर्थित कबीलाई हमलावरों ने कश्मीर पर धावा बोल दिया।
मदद के लिए महाराजा ने भारत के साथ हाथ मिलाया और ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’ पर साइन किए।
भारतीय सेना ने हमलावरों को पीछे धकेला, लेकिन जब तक युद्धविराम हुआ, पाकिस्तान कश्मीर के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुका था।

भारत आज भी इसे अपना अटूट हिस्सा मानता है, जबकि पाकिस्तान इसे ‘आजाद कश्मीर’ कहता है।
2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बातचीत सिर्फ PoK को वापस लेने पर होगी।
अक्साई चिन: 1962 की जंग
नक्शे में दूसरा हिस्सा अक्साई चिन का था। यह लद्दाख का वो इलाका है जो लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
1950 के दशक में चीन ने चोरी-छिपे यहां सड़क बनानी शुरू की थी।
जब भारत को इसका पता चला, तो विरोध हुआ जो 1962 के युद्ध का कारण बना

युद्ध के बाद से ही अक्साई चिन पर चीन का कब्जा है। लेकिन भारत इसे अपना हिस्सा मानता है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन के दावे को नकारता रहा है।


