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OpenAI को भारत से मिली चुनौती: Sarvam AI के ‘बुलबुल’ और ‘विज़न’ मॉडल ने रचा इतिहास

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Sarvam AI vs ChatGPT: भारत अब सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि तकनीक बनाने वाला देश बन चुका है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक रेस में अब भारत की धमाकेदार एंट्री हुई है।

Sarvam AI नाम के एक भारतीय स्टार्टअप ने दावा किया है कि उनका नया मॉडल, Sarvam Vision, दुनिया के सबसे मशहूर AI चैटबॉट्स जैसे ChatGPT और Google Gemini से भी आगे निकल गया है।

Sarvam AI vs ChatGPT

कैसे दी ChatGPT को मात?

कंपनी के CEO, प्रत्युष कुमार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक टेस्ट चार्ट साझा किया।

इस चार्ट के अनुसार, Sarvam AI के मॉडल ने OmniDocBench v1.5 नामक एक बेहद मुश्किल बेंचमार्क टेस्ट में 93.28% का शानदार स्कोर हासिल किया है।

यह टेस्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी AI की मुश्किल से मुश्किल लिखावट (Handwriting), मुश्किल फॉन्ट और अलग-अलग तरह के डेटा को समझने की काबिलियत को परखता है।

जहां OpenAI और Google के पास अरबों-खरबों का निवेश और संसाधन हैं, वहीं भारत के इस स्टार्टअप ने कम संसाधनों में भी उनसे बेहतर परिणाम दिखाए हैं।

क्यों खास है Sarvam AI?

अक्सर देखा जाता है कि विदेशी AI मॉडल अंग्रेजी में तो बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन जब बात भारतीय भाषाओं या यहाँ की स्थानीय लिपियों की आती है, तो वे थोड़ा पीछे रह जाते हैं।

Sarvam AI की सफलता का सबसे बड़ा राज यही है। इसे खास तौर पर भारतीय भाषाओं और लिपियों पर ट्रेन किया गया है।

  • कम पैरामीटर, ज्यादा स्मार्ट: जहां ChatGPT जैसे मॉडल 3 ट्रिलियन से ज्यादा पैरामीटर्स पर काम करते हैं, वहीं Sarvam AI मात्र 3 बिलियन पैरामीटर पर आधारित है। छोटा होने के बावजूद, यह भारतीय संदर्भों में ज्यादा सटीक है।
  • इमेज को समझने की ताकत: Sarvam Vision एक ‘विज़ुअल लैंग्वेज मॉडल’ है। इसका मतलब है कि यह न केवल टेक्स्ट पढ़ सकता है, बल्कि इमेज को देखकर उसे विस्तार से समझा भी सकता है।
  • बुलबुल V3 (Bulbul V3): सर्वम ने अपना टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल भी पेश किया है, जो भारतीय आवाजों और लहजों को बहुत ही प्राकृतिक तरीके से पेश करता है।

क्या वाकई यह बेहतर है?

यहां यह समझना जरूरी है कि Google और OpenAI पूरी दुनिया के लिए बनाए गए हैं, इसलिए उनका दायरा बहुत बड़ा है।

लेकिन Sarvam AI ने एक खास क्षेत्र (Niche) को पकड़ा है।

अगर आपको किसी भारतीय दस्तावेज, सरकारी फॉर्म या स्थानीय भाषा की फोटो को स्कैन करके जानकारी चाहिए, तो Sarvam AI शायद ChatGPT से कहीं ज्यादा सटीक साबित होगा।

यह भारतीय स्टार्टअप्स की बदलती तस्वीर है। ‘मेक इन इंडिया’ की भावना अब कोड और एल्गोरिदम में भी दिखने लगी है।

भविष्य में हम उम्मीद कर सकते हैं कि ऐसे कई भारतीय मॉडल सामने आएंगे जो ग्लोबल कंपनियों को कड़ी टक्कर देंगे।

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