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अलविदा सरला माहेश्वरी: शुद्ध हिंदी और सादगी की पहचान थीं ये न्यूज एंकर, फैन्स बोले- ‘मिस करेंगे वो ग्रेस’

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Doordarshan Anchor Sarla Maheshwari: भारतीय टेलीविजन के इतिहास में अपनी एक खास पहचान बनाने वाली न्यूज रीडर सरला माहेश्वरी अब हमारे बीच नहीं रहीं।

71 वर्ष की आयु में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है।

दूरदर्शन (DD News) ने सोशल मीडिया के जरिए इस दुखद खबर की पुष्टि की।

उनके निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर शोक की लहर दौड़ गई है और उनके चाहने वाले इसे टीवी पत्रकारिता के एक ‘स्वर्ण युग’ का अंत बता रहे हैं।

सादगी और शालीनता की मिसाल

80 और 90 के दशक में, जब आज की तरह दर्जनों न्यूज चैनल नहीं हुआ करते थे, तब सरला माहेश्वरी दूरदर्शन का एक जाना-माना चेहरा थीं।

उनके खबर पढ़ने का अंदाज आज के ‘ब्रेकिंग न्यूज’ वाले शोर-शराबे से बिल्कुल अलग था।

उनके माथे पर सजी गोल बिंदी, सलीके से पहनी गई साड़ियां और चेहरे पर हमेशा बनी रहने वाली सौम्यता दर्शकों को एक अलग ही भरोसा दिलाती थी।

दिल्ली में अंतिम संस्कार

सरला माहेश्वरी के परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज यानी 12 फरवरी को शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर हुआ।

दूरदर्शन परिवार और उनके पूर्व सहयोगियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी आवाज में जो शांति और स्पष्टता थी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मिसाल बनी रहेगी।

सोशल मीडिया पर दिखा प्रशंसकों का प्यार

उनके निधन पर ऑल इंडिया महिला कांग्रेस सहित कई बड़े संगठनों और हस्तियों ने दुख जताया है।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “हम उन्हें सुनते हुए बड़े हुए हैं। उस दौर में समाचार का मतलब ड्रामा नहीं, बल्कि जानकारी की स्पष्टता होता था।”

वहीं, डीडी न्यूज ने अपने संदेश में कहा कि सरला जी ने अपनी गरिमामय प्रस्तुति से भारतीय समाचार जगत में एक विशेष स्थान बनाया था।

एक अपूरणीय क्षति

सरला माहेश्वरी ने उस दौर में पत्रकारिता की साख बनाई जब न्यूज एंकर ही खबर की विश्वसनीयता का पैमाना हुआ करते थे।

उनकी शुद्ध हिंदी और सटीक उच्चारण के लोग कायल थे।

सरला माहेश्वरी का जाना न केवल दूरदर्शन परिवार के लिए, बल्कि उन करोड़ों दर्शकों के लिए भी अपूरणीय क्षति है, जिन्होंने उनसे हिंदी बोलना और खबरों को समझना सीखा।

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