Mahamandaleshwar Uttam Swami Controversy: मध्य प्रदेश और राजस्थान के धार्मिक गलियारों में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है- महामंडलेश्वर ईश्वरानंद, जिन्हें दुनिया उत्तम स्वामी के नाम से जानती है।
स्वामी जी पर एक युवती ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
राजस्थान की रहने वाली इस युवती ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ईमेल भेजकर उत्तम स्वामी पर यौन शोषण और दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं।

पीड़िता ने लगाई सुरक्षा की गुहार
पीड़िता का कहना है कि जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म की आड़ में उसका शोषण शुरू हो गया था।
युवती के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में उसके साथ गलत काम किया गया।
अब जब उसने कानूनी कार्रवाई की हिम्मत जुटाई है, तो उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी के संबंध बेहद रसूखदार नेताओं और मंत्रियों से हैं, जिसके कारण उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।

उत्तम स्वामी बोले- सनातन के खिलाफ षड्यंत्र
इन आरोपों पर स्वामी जी ने कहा- मैं लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हूं.. सबसे स्नेहपूर्वक मिलता हूं..। इस लंबी यात्रा में स्वाभाविक है कि कुछ गैर सनातनी लोग द्वेष, ईर्ष्या भी पाल लेते हैं। अभी आरोपों की पूरी जानकारी नहीं है।
अभी यही कह सकता हूं कि, प्रमाण आने दीजिए। लगता है कि यह, मेरी चारित्रिक हत्या व सनातन के खिलाफ कोई नया षड्यंत्र है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि अंत में सत्य की, सनातन की विजय होगी।’

कौन हैं महामंडलेश्वर ईश्वरानंद (उत्तम स्वामी)?
उत्तम स्वामी का आध्यात्मिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है।
वे पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं। उन्हें यह पदवी साल 2021 के हरिद्वार महाकुंभ में दी गई थी।
उनका मुख्य आश्रम राजस्थान के बांसवाड़ा (उत्तम सेवा धाम) में है, लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और महाराष्ट्र के लोहगांव तक उनके भक्तों का बड़ा नेटवर्क है।
वे राजनीतिक रूप से भी बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर संघ प्रमुख तक उनकी साधना का सम्मान करते हैं।
वे अक्सर भागवत कथा और ध्यान योग के कार्यक्रमों के जरिए चर्चा में रहते हैं।

अश्वत्थामा से मुलाकात का दावा
हाल ही में इंदौर में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की पुस्तक ‘परिक्रमा कृपासार’ के विमोचन का कार्यक्रम था।
इसी दौरान संबोधन देते हुए उत्तम स्वामी ने दावा किया था कि नर्मदा परिक्रमा के दौरान धड़गांव के पास ‘खप्पर माल’ नामक स्थान पर उनकी मुलाकात अश्वत्थामा से हुई।
लोककथाओं में कहा जाता है कि अश्वत्थामा के माथे से पस बहता है और वे बेहद कष्ट में हैं, लेकिन उत्तम स्वामी ने इसे सिरे से नकार दिया।
उन्होंने दावा किया कि अश्वत्थामा करीब 8 फीट लंबे हैं, बिल्कुल सफेद (कांतिवान) हैं और उनके शरीर पर कोई घाव या गंदगी नहीं थी।
स्वामी जी के अनुसार, अश्वत्थामा ने उनसे कहा, “मैं पंडित अश्वत्थामा हूं, पिछले 5000 साल से नर्मदा तट छोड़कर कहीं नहीं गया।” यह दावा सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है।

बहरहाल महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर लगे आरोप बेहद गंभीर है। अब देखना है इस मामले में आगे क्या कार्यवाही होती है।



