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MP विधानसभा में हंगामा: गाय से लेकर कुत्तों तक पर छिड़ी बहस, इंदौर पानी कांड का जमकर विरोध

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Assembly Budget Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन (17 जनवरी) हंगामेदार रहा।

जहां एक तरफ वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 19 हजार 287 करोड़ रुपए से ज्यादा का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया, वहीं दूसरी तरफ सदन के अंदर और बाहर सियासी हंगामा भी खूब देखने को मिला।

सदन के भीतर जहां गाय और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

वहीं सदन के बाहर कांग्रेस ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव और सियासत

सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग रखी।

आतिफ अकील ने कहा, “हर धर्म का सम्मान होना चाहिए। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और किसी भी माता का व्यापार नहीं होना चाहिए।”

उनके इस प्रस्ताव पर सदन में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट के लिए विधानसभा में ऐसे प्रस्ताव न लाएं। अगर सच में गाय की रक्षा करनी है, तो मस्जिदों में जाकर मुल्ला-मौलवियों से ही यह संकल्प करवा दें कि गाय नहीं कटेगी। अगर ऐसा हो जाए, तो गाय कटनी अपने आप बंद हो जाएगी।”

रामेश्वर शर्मा के इस बयान से सदन में कांग्रेस विधायक हंगामा करते दिखे, लेकिन बीजेपी सदस्यों ने उनकी बात का समर्थन किया।

आवारा कुत्तों का मुद्दा और ‘आतंकवादी’ टिप्पणी

सदन में केवल गाय ही नहीं, बल्कि सड़कों पर बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे पर भी गंभीर और मजाकिया बहस हुई।

भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जहां देश में करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, वहीं लोग कुत्तों पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं।

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उन्होंने सुझाव दिया कि आवारा कुत्तों की नस्ल को ही समाप्त कर देना चाहिए क्योंकि वे इंसानों के लिए खतरा बन रहे हैं।

इस बहस में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हस्तक्षेप करते हुए भारतीय परंपरा का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, “कुत्ता तब आक्रामक होता है जब वह भूखा होता है। हमारी संस्कृति में पहली रोटी गाय को और आखिरी कुत्ते को देने का नियम है।”

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उन्होंने आवारा कुत्तों के प्रबंधन और सुरक्षा के लिए एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया।

इस दौरान कुछ विधायकों ने कुत्तों की तुलना ‘आतंकवादियों’ से की, जिस पर काफी हंगामा हुआ।

इंदौर दूषित जल कांड: विपक्ष का प्रदर्शन

सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से हुई मौतों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

विधायक अपने हाथों में गंदे पानी की बोतलें लेकर विधानसभा पहुंचे और गांधी प्रतिमा के सामने नारेबाजी की।

कांग्रेस विधायक महेश परमार और सेना पटेल ने आरोप लगाया कि इंदौर प्रशासन की लापरवाही के कारण लगभग 35-40 लोगों की जान चली गई, लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नत कर रही है।

विपक्ष ने मांग की कि संबंधित मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।

अनुपूरक बजट और आर्थिक सर्वेक्षण

शोर-शराबे के बीच वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष का 19,287 करोड़ 32 लाख रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया।

साथ ही सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण भी रखा गया। इस बजट पर 23 फरवरी को विस्तृत चर्चा की जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि सदन का उद्देश्य समस्याओं का समाधान निकालना है, न कि केवल शोर मचाना।

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