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आवाज सुनते ही काम करेगा यह AI चश्मा, PM मोदी भी हुए ‘मेड इन इंडिया’ Sarvam Kaze के मुरीद

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Sarvam Kaze Smart Glass: दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में एक ऐसी चीज देखने को मिली जिसने सबको हैरान कर दिया।

यह है भारत का अपना स्वदेशी स्मार्ट चश्मा ‘Sarvam Kaze’

इस चश्मे की सबसे बड़ी चर्चा तब शुरू हुई जब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पहनकर इसका ट्रायल लिया।

पीएम मोदी की इस चश्मे के साथ फोटो सोशल मीडिया पर आते ही यह डिवाइस रातों-रात इंटरनेट पर छा गया।

क्या है ‘Sarvam Kaze’ और इसे किसने बनाया?

यह स्मार्ट चश्मा भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI की देन है।

कंपनी के सीईओ प्रत्युष कुमार का कहना है कि इसे पूरी तरह भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है।

यह सिर्फ एक चश्मा नहीं, बल्कि आंखों पर पहना जाने वाला एक मिनी कंप्यूटर है जो आपकी आवाज और आपके आस-पास की चीजों को समझने की ताकत रखता है।

इस चश्मे की 5 बड़ी खासियतें:

  1. आवाज से कंट्रोल: इस चश्मे को चलाने के लिए आपको बटन दबाने की जरूरत नहीं है। यह आपकी बात सुनता है, उसे समझता है और तुरंत जवाब देता है।

  2. आंखों देखा हाल बताएगा: इसमें लगे खास सेंसर्स सामने दिख रहे दृश्यों को कैप्चर कर सकते हैं। मान लीजिए आप किसी अनजान जगह पर हैं, तो यह चश्मा सामने की चीजों को पहचान कर आपको उसके बारे में जानकारी दे सकता है।

  3. डेवलपर्स के लिए खुला मंच: इस चश्मे की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे किसी खास काम के लिए फिक्स नहीं किया गया है। सॉफ्टवेयर बनाने वाले लोग इसमें अपनी पसंद के नए फीचर्स जोड़ सकेंगे।

  4. पूरी तरह ‘देसी’ तकनीक: इसके अंदर काम करने वाला AI मॉडल कंपनी ने खुद तैयार किया है, यानी आपका डेटा और तकनीक सुरक्षित है।

  5. लॉन्च की तारीख: अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं, तो आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी इसे मई 2026 तक बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।

भारत के लिए क्यों है यह गर्व की बात?

अब तक हम एप्पल (Apple) या मेटा (Meta) जैसी विदेशी कंपनियों के स्मार्ट ग्लास के बारे में सुनते थे।

लेकिन Sarvam Kaze के आने से यह साफ हो गया है कि हार्डवेयर के मामले में भी भारत अब पीछे नहीं है।

दिल्ली का यह समिट दुनिया को यह दिखा रहा है कि भारत अब सिर्फ सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन टेक गैजेट्स भी बना सकता है।

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