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मध्यप्रदेश में फिर बदला मौसम: भोपाल-जबलपुर समेत 20 जिलों में बारिश, जानें आपके शहर का हाल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Weather Rain Alert: मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है।

प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में पिछले तीन दिनों से आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी है।

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह की स्थिति बने रहने का अलर्ट जारी किया है।

राजधानी भोपाल और संस्कारधानी जबलपुर में शनिवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे माहौल में ठंडक घुल गई है।

क्यों बदल रहा है बार-बार मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश में एक साथ कई सिस्टम एक्टिव हैं।

एक ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ (चक्रवाती घेरा) और एक ‘ट्रफ लाइन’ की वजह से नमी आ रही है।

इसके साथ ही, 22 फरवरी को एक नया ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) हिमालयी क्षेत्र में एक्टिव होने वाला है।

इसका सीधा असर 23 और 24 फरवरी को मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी जिलों में देखने को मिलेगा।

फसलों पर संकट और किसानों की चिंता

बेमौसम हुई इस बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं।

उज्जैन, रतलाम और शाजापुर जैसे जिलों में गेहूं की फसलें आड़ी गिर गई हैं।

जब फसल कटने को तैयार हो, तब ऐसी बारिश दानों की चमक और गुणवत्ता खराब कर देती है।

अनुमान है कि करीब 25 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तत्काल एक्शन लिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम मैदान में उतर चुकी है और प्रभावित इलाकों में फसलों का सर्वे शुरू कर दिया गया है, ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।

पिछले 24 घंटे का हाल

बीते 24 घंटों में प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में मेघ बरसे हैं। सबसे ज्यादा बारिश उज्जैन में 24 मिमी दर्ज की गई।

इसके अलावा झाबुआ, राजगढ़ और धार में भी अच्छी बारिश हुई है।

जहां एक तरफ बारिश से फसलों को नुकसान है, वहीं कुछ इलाकों के किसान इसे चने जैसी फसलों के लिए राहत भरा भी मान रहे हैं।

तापमान की बात करें तो खरगोन 34.3 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, वहीं शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम पारा 10.4 डिग्री तक गिर गया।

अगले 4 दिनों का प्रेडिक्शन (Forecast):

  • 21 फरवरी: आज भी कई जिलों में बारिश की आशंका है।

  • 22 फरवरी: इस दिन भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। यह अगले बड़े सिस्टम के आने का संकेत है।

  • 23 फरवरी: नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और मंडला जैसे दक्षिणी जिलों में फिर से गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

  • 24 फरवरी: सिस्टम का असर पूर्वी एमपी की ओर शिफ्ट होगा। सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में बारिश के आसार हैं।

फरवरी का रिकॉर्ड

हैरानी की बात यह है कि इस साल फरवरी के महीने में अब तक चार बार मौसम का मिजाज बदल चुका है।

महीने की शुरुआत में दो बार ओले गिरे थे, फिर 18 फरवरी से तीसरा दौर शुरू हुआ और अब 23 फरवरी से चौथी बार बारिश की संभावना बनी हुई है।

कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन एमपी के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

बिजली कड़कने के समय पेड़ों या खंभों के नीचे न खड़े हों और किसान भाई अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध करें।

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