Khajrana Mandir Priest Controversy: इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के पुजारी से जुड़ा पारिवारिक विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है।
मंदिर के मुख्य पुजारी परिवारों में से एक, पुनीत भट्ट की पत्नी इंदिरा भट्ट (शर्मा) ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और मानसिक शोषण के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय की जनसुनवाई तक पहुंच चुका है।

क्या है पूरा मामला?
इंदिरा भट्ट का आरोप है कि उनकी शादी 17 मई 2025 को पुनीत भट्ट से हुई थी। यह दोनों की ही दूसरी शादी थी।
इंदिरा के मुताबिक, शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन जल्द ही उनके ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आने लगा।
आरोप है कि पति पुनीत भट्ट, उनकी सास, ननंद और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उन पर मायके से 1 करोड़ रुपये नकद और एक फॉर्च्यूनर कार लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
17 दिन में तय हुई शादी
पीड़िता इंदिरा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पुनीत भट्ट ने शादी के लिए बहुत जल्दबाजी दिखाई थी।
पहली मुलाकात से लेकर शादी होने तक का सफर महज 17 दिनों में तय कर लिया गया।
इंदिरा का कहना है कि उन्हें ऐसा महसूस कराया गया जैसे सब बहुत अच्छा होगा, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पति ने उन्हें घर से निकालने के लिए ‘ऑपरेशन एग्जिट’ शुरू कर दिया।

बच्चे की चाहत और बदलता व्यवहार
इंदिरा के अनुसार, पुनीत भट्ट की अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने भाई के बेटे उदित को गोद लिया था।
पुनीत ने इंदिरा से दूसरी शादी ही इसलिए की थी ताकि उन्हें अपना बच्चा हो सके।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब जुलाई 2025 में यह पता चला कि दत्तक पुत्र उदित की पत्नी गर्भवती है।
इंदिरा का आरोप है कि जैसे ही परिवार को वारिस मिलने की उम्मीद जगी, उनकी अहमियत खत्म कर दी गई।

इसके बाद उन पर झूठे आरोप लगाए गए।
यहां तक कि उदित ने अपनी गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारने का आरोप लगाकर इंदिरा के खिलाफ खजराना थाने में FIR भी दर्ज करा दी।
इंदिरा का कहना है कि यह सब उन्हें फंसाने की एक सोची-समझी साजिश थी।

बंधक बनाया और भूख से तड़पाने के आरोप
शिकायत में इंदिरा ने बताया कि उन्हें घर में कैद करके रखा जाता था। कई बार उन्हें खाना तक नहीं दिया गया।
जब उन्होंने नौकरी करने की इच्छा जताई ताकि वह आत्मनिर्भर बन सकें, तो उन पर पाबंदी लगा दी गई।
इंदिरा का दावा है कि उनके गहने और करीब 5 लाख रुपये कैश भी ससुराल वालों ने छीन लिए हैं।
सितंबर 2025 में उन्हें मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद से वह अपने मायके में रह रही हैं।

पुनीत भट्ट का पक्ष: ‘मेरी छवि बिगाड़ने की कोशिश’
दूसरी ओर, पुजारी पुनीत भट्ट ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उनका कहना है कि इंदिरा द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और काल्पनिक हैं।
पुनीत के मुताबिक, वह 2020 में अपनी पहली पत्नी के निधन के बाद से अकेले थे।
उन्होंने यह शादी पारिवारिक संतुलन बनाने के लिए की थी, लेकिन इंदिरा के साथ उनके वैचारिक मतभेद शुरू से ही थे।
पुनीत का कहना है कि मामला कोर्ट में है और वह अपनी बेगुनाही के सबूत वहीं पेश करेंगे।

पुलिस की कार्रवाई
खजराना क्षेत्र के एसीपी कुंदन मंडलोई के अनुसार, पुलिस को आवेदन प्राप्त हो गया है।
चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल है और दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं, इसलिए पुलिस बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस यह भी देख रही है कि पहले जो FIR इंदिरा के खिलाफ हुई थी, उसका इस मामले से क्या संबंध है।
जांच के बाद ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
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