Mesh Sankranti Kharmas End Date: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में विश्वास रखने वालों के लिए अप्रैल 2026 का महीना बड़ी सौगात लेकर आ रहा है।
पिछले काफी समय से मांगलिक कार्यों पर लगा ‘ब्रेक’ अब हटने वाला है।
14 अप्रैल 2026 को जब सूर्य देव मीन राशि को छोड़कर अपने मित्र मंगल की राशि ‘मेष’ में प्रवेश करेंगे, तो देशभर में शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
इस दिन को हम ‘मेष संक्रांति’ के नाम से जानते हैं, जो न केवल नए सौर वर्ष का प्रतीक है, बल्कि खरमास की समाप्ति की घोषणा भी है।
खरमास की विदाई और शुभ कार्यों का आगाज़
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों (धनु और मीन) में होते हैं, तो उस समय को ‘खरमास’ कहा जाता है।
इस दौरान शादी-ब्याह, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं क्योंकि सूर्य का तेज कुछ कम हो जाता है।
लेकिन 14 अप्रैल को जैसे ही सूर्य मेष राशि में आएंगे, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
अब आप अपनी शादी की तैयारियों को अंतिम रूप दे सकते हैं और बैंड-बाजा-बारात की रौनक गलियों में फिर से दिखाई देगी।
शुक्रादित्य राजयोग: क्या है यह खास संयोग?
इस साल की मेष संक्रांति सामान्य नहीं है।
इस बार आसमान में एक दुर्लभ और बेहद शुभ संयोग बन रहा है जिसे शुक्रादित्य राजयोग कहा जाता है।
मेष राशि में भोग-विलास के स्वामी शुक्र पहले से ही विराजमान हैं। अब ग्रहों के राजा सूर्य भी वहां पहुंच रहे हैं।
जब सूर्य (सत्ता और मान-सम्मान) और शुक्र (धन और ऐश्वर्य) एक साथ मिलते हैं, तो यह जातकों के जीवन में राजसी ठाठ-बाट लेकर आता है।
ज्योतिषियों का मानना है कि यह योग अप्रैल के अंत तक रहेगा।
इस दौरान समाज में आपकी धाक जमेगी, रुके हुए धन की प्राप्ति होगी और करियर में ऊंचाइयां छूने के योग बनेंगे।
अगर आप कला, मीडिया या ग्लैमर की दुनिया से जुड़े हैं, तो यह समय आपके लिए ‘गोल्डन पीरियड’ साबित हो सकता है।
शादियों का सीजन: बस 14 मौके!
अगर आप इस साल शादी के बंधन में बंधने की सोच रहे हैं, तो आपको जल्दी करनी होगी। जुलाई 2026 तक विवाह के केवल 14 शुभ मुहूर्त ही उपलब्ध हैं।
- मई का महीना:** इस महीने की शुरुआत में ही 5, 6, 7 और 8 तारीख को विवाह के उत्तम योग हैं।
- जून का महीना:** जून में शादियों की सबसे ज्यादा धूम रहेगी। 19 जून से लेकर 29 जून के बीच कई तिथियां शुभ हैं।
- जुलाई का महीना:** जुलाई आते-आते मुहूर्त कम हो जाएंगे। केवल 1, 6 और 7 जुलाई ही विवाह के लिए श्रेष्ठ हैं।
जुलाई के बाद फिर से देवशयनी एकादशी के आसपास शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा, इसलिए लोग अभी से बैंक्वेट हॉल और हलवाइयों की बुकिंग में जुट गए हैं।
सावधानी भी है जरूरी: बुध और मंगल-शनि का प्रभाव
जहाँ एक ओर खुशियों का माहौल है, वहीं ग्रहों की चाल कुछ क्षेत्रों में संभलकर चलने की सलाह भी दे रही है।
11 अप्रैल से बुध ग्रह नीच की राशि (मीन) में हैं। इसका सीधा असर कन्या और मीन राशि वालों पर पड़ सकता है।
इन राशि के लोगों को अपनी बातचीत (वाणी) और निवेश संबंधी फैसलों में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
30 अप्रैल तक किसी भी बड़े जोखिम वाले बिजनेस में हाथ न डालें।
दुनिया भर में उथल-पुथल
इसके अलावा, मंगल और शनि की युति दुनिया भर में थोड़ी उथल-पुथल या तनाव पैदा कर सकती है।
व्यक्तिगत स्तर पर भी 11 मई तक जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला न लें। हालांकि, 19 अप्रैल को शुक्र के वृषभ राशि में जाने से आर्थिक स्थिति में सुधार और सुख-सुविधाओं की बढ़ोतरी निश्चित है।
कुल मिलाकर, 14 अप्रैल 2026 से समय करवट ले रहा है। सूर्य की गर्मी और शुक्र की चमक मिलकर आम जनजीवन में नई उमंग भरने वाली है।
बस जरूरत है तो थोड़े धैर्य और सही योजना की, ताकि आप इस शुभ समय का पूरा लाभ उठा सकें।
