MP Tourism Home Stay Scheme: मध्य प्रदेश की पहचान अब केवल खजुराहो के मंदिरों, पचमढ़ी की पहाड़ियों या कान्हा-बांधवगढ़ के जंगलों तक सीमित नहीं रही।
अब एमपी अपनी बेमिसाल मेहमाननवाजी (Hospitality) के लिए भी दुनिया भर में नाम कमा रहा है।
अगर आप मध्य प्रदेश के निवासी हैं और आपके घर में एक-दो कमरे खाली पड़े हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है।
राज्य सरकार की होम स्टे योजना’ आपके उन खाली कमरों को नोट छापने की मशीन में बदल सकती है।
क्या है एमपी होम स्टे योजना?
अक्सर जब पर्यटक घूमने निकलते हैं, तो वे महंगे होटलों के बजाय ऐसी जगह रुकना पसंद करते हैं जहाँ उन्हें घर जैसा सुकून और स्थानीय जायका मिले।
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसी जरूरत को बिजनेस मॉडल में बदल दिया है।
इस योजना के तहत आम नागरिक अपने घर के खाली कमरों (1 से 6 कमरे तक) को पर्यटकों के लिए किराए पर दे सकते हैं।
इससे न केवल पर्यटकों को सस्ता और अच्छा ठिकाना मिलता है, बल्कि मकान मालिकों को घर बैठे सम्मानजनक आय भी होती है।
सरकार से मिलेगी सीधी नकद मदद (इंसेंटिव)
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकार आपको केवल अनुमति ही नहीं दे रही, बल्कि बिजनेस बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता भी दे रही है।
अगर आप अपने होम स्टे को अच्छे से चलाते हैं, तो आपको तीन सालों में कुल 60 हजार रुपये तक का नकद लाभ मिल सकता है:
पहले साल: यदि आपके यहाँ 50 ‘अतिथि दिवस’ (यानी साल भर में कुल मिलाकर 50 दिन मेहमान रुके) पूरे होते हैं, तो सरकार आपको 15,000 रुपये देगी।
दूसरे साल: 75 अतिथि दिवस पूरे होने पर 20,000 रुपये की मदद मिलेगी।
तीसरे साल:** 100 अतिथि दिवस का आंकड़ा पार करने पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, अगर आप अपने होम स्टे के प्रचार के लिए पंपलेट या ब्रोशर छपवाते हैं, तो उसके लिए 10,000 रुपये अलग से मिलते हैं।
वहीं, बड़े ट्रैवल मेलों (ट्रेवल मार्ट) में जाने के लिए 50,000 रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
कौन कर सकता है अप्लाई? (पात्रता)
योजना का हिस्सा बनने के लिए बहुत कड़े नियम नहीं हैं, लेकिन कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. आपके पास अपना निजी घर होना चाहिए।
2. घर में कम से कम 1 और अधिकतम 6 कमरे खाली होने चाहिए (कुल 12 बेड की क्षमता)।
3. मकान मालिक का खुद उस घर में निवास करना अनिवार्य है, ताकि पर्यटकों को घर जैसा माहौल मिल सके।
4. आपके पास वैध पहचान पत्र और मकान के मालिकाना हक के कागज (रजिस्ट्री या टैक्स रसीद) होने चाहिए।
रजिस्ट्रेशन की आसान प्रक्रिया
अब आपको सरकारी दफ्तरों की फाइलों में दबने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है:
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल https://mphomestay.mponline.gov.in/ पर जाएं।
- यहाँ खुद को रजिस्टर करें और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन के बाद पर्यटन विभाग की एक टीम आपके घर आएगी। वे देखेंगे कि कमरों की हालत कैसी है, साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम क्या हैं।
- वेरिफिकेशन सफल होने पर आपको सर्टिफिकेट मिल जाएगा और आप आधिकारिक तौर पर अपना होम स्टे शुरू कर सकेंगे।
साफ-सफाई और सुरक्षा: सफलता की चाबी
होम स्टे बिजनेस में आपकी कमाई आपकी रेटिंग पर निर्भर करती है।
पर्यटक आपके यहाँ तभी आएंगे जब उन्हें सफाई, अच्छा व्यवहार और सुरक्षा का अहसास होगा।
स्थानीय खाना, संस्कृति की जानकारी और छोटी-छोटी मदद पर्यटकों का दिल जीत लेती है।
याद रखें, बिना रजिस्ट्रेशन के होम स्टे चलाना गैर-कानूनी है, इसलिए सरकार के साथ जुड़कर ही यह काम शुरू करें।
