MP Mohan Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के विकास के लिए कई दूरगामी और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु स्वास्थ्य सुविधाएं, किसानों का कल्याण और महिला सशक्तिकरण रहा।
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर वर्ग को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना है।

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति: 6 जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली—इन छह जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
यह सिर्फ इमारतों का निर्माण नहीं है, बल्कि इन दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहतर इलाज और युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए द्वार खोलना है।
अब इन जिलों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।

किसानों के लिए खुशियों की सौगात
कैबिनेट बैठक में अन्नदाताओं के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।
हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने कई किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया था।
सरकार ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए स्पष्ट किया है कि प्रभावित इलाकों का तुरंत सर्वे कराया जाएगा और नुकसान का उचित मुआवजा किसानों को दिया जाएगा।

इसके साथ ही, खेती को आधुनिक बनाने के लिए ‘कृषि मैकेनाइजेशन योजना’ को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इससे किसानों को आधुनिक मशीनें और उपकरण सब्सिडी पर मिलते रहेंगे।
एक और बड़ी राहत उर्वरकों (फर्टिलाइजर) को लेकर मिली है।
केंद्र सरकार की मदद से फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर 41,833 करोड़ रुपये की सब्सिडी को हरी झंडी दी गई है, जिससे खरीफ 2026 के सीजन में किसानों को खाद की कीमतों में बड़ी राहत मिलेगी।
सागर को मिली सिंचाई की बड़ी योजना
बुंदेलखंड क्षेत्र, विशेषकर सागर जिले के किसानों के लिए कैबिनेट ने अपना खजाना खोल दिया है।
286 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना’ को मंजूरी दी गई है।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से लगभग 7,200 हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी मिलेगा, जिससे पैदावार बढ़ेगी और क्षेत्र में खुशहाली आएगी।
नारी शक्ति वंदन और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रदेश भर में जागरूकता अभियान और पदयात्राएं निकाली जा रही हैं।
इसके अलावा, समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए चल रही अहम योजनाओं जैसे संबल योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मध्यान्ह भोजन और हेल्पलाइन 181 को निरंतर जारी रखने का फैसला लिया गया है।

दुग्ध उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़त
पशुपालन के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कैबिनेट को बताया गया कि प्रदेश में दूध का उत्पादन 9.4 लाख लीटर से बढ़कर अब 12.4 लाख लीटर तक पहुंच गया है।
यह 25 प्रतिशत की वृद्धि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है।
2031 तक विकास का रोडमैप
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये योजनाएं केवल अल्पकालिक नहीं हैं।
बुनियादी ढांचे के विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 31 मार्च 2031 तक जारी रखा जाएगा।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी विकास कार्य बजट की कमी के कारण बीच में न रुके।
