Baba Barfani First Photo 2026: बाबा अमरनाथ के भक्तों के लिए एक बढ़ी खुशखबरी सामने आई है।
साल 2026 की अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले, पवित्र गुफा से बाबा बर्फानी यानी बर्फ से बने शिवलिंग की पहली सुंदर तस्वीर आ चुकी है।
इस बार पवित्र गुफा में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बनकर तैयार हो चुका है।

सुरक्षा के लिए वहां तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने बाबा बर्फानी के सबसे पहले दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया।
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3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिनों की यात्रा
इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है, जो पूरे 57 दिनों तक चलेगी।
इस भक्ति यात्रा का समापन 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर होगा।
श्रद्धालु हमेशा की तरह दो रास्तों से बाबा के दरबार पहुंच सकेंगे—पहला बालटाल-सोनमर्ग मार्ग और दूसरा पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग।

रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन, 5 लाख पार होने की उम्मीद
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों में भारी उत्साह है।
15 अप्रैल से शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में अब तक 3.6 लाख से ज्यादा लोग अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं।
अधिकारियों का अनुमान है कि इस साल यह आंकड़ा 5 लाख को भी पार कर सकता है।
आपको बता दें कि साल 2024 में 5.10 लाख से ज्यादा और 2025 में 4.14 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे।

अगर आप भी यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो बता दें कि 5 से 30 लोगों के बड़े ग्रुप के लिए रजिस्ट्रेशन बुधवार को बंद हो चुके हैं।
हालांकि, अकेले या छोटे ग्रुप में जाने वाले लोगों के लिए सीटें खाली रहने तक रजिस्ट्रेशन चालू रहेंगे।
यह रजिस्ट्रेशन पंजाब नेशनल बैंक (PNB), जम्मू-कश्मीर बैंक, एसबीआई (SBI) और यस बैंक की चुनिंदा शाखाओं के जरिए किए जा रहे हैं।
12 फीट बर्फ के बीच रास्ता बना रहा BRO
अमरनाथ के पहाड़ी रास्तों पर इस समय भारी बर्फबारी का नजारा है।
सामान्य जगहों पर 6 से 8 फीट और जहां एवलांच (हिमस्खलन) आते हैं, वहां 10 से 12 फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है।
लेकिन सीमा सड़क संगठन (BRO) के जांबाज जवान दिन-रात एक करके रास्ता साफ करने में जुटे हैं।
बालटाल मार्ग पर 9 किलोमीटर और पहलगाम मार्ग पर 8 किलोमीटर तक का रास्ता साफ किया जा चुका है।
रास्ते को 12 फीट चौड़ा करने और सुरक्षा दीवारें बनाने का काम चल रहा है।
अधिकारियों का दावा है कि 15 जून तक दोनों रास्ते यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार कर दिए जाएंगे।
इस बार टेंट नहीं, मिलेंगे आलीशान और सुरक्षित कमरे
इस साल अमरनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को रहने के लिए एक बिल्कुल नया और आरामदायक अनुभव मिलने वाला है।
अब तक यात्रियों को ठंडी रातों में टेंट में रहना पड़ता था, लेकिन इस बार बेस कैंप में टेंट की जगह ‘प्री-फैब्रिकेटेड’ और फाइबर से बने आधुनिक ढांचे (इमारतें) तैयार किए गए हैं।
- इन मजबूत इमारतों पर अचानक होने वाली बारिश और कड़ाके की ठंड का कोई असर नहीं होगा।
- हर एक इमारत में 48 कमरे बनाए गए हैं।
- सभी कमरों के साथ अटैच्ड वॉशरूम (शौचालय) की सुविधा है, जिसमें गर्म और ठंडे पानी का इंतजाम रहेगा।
- इसके साथ ही हर बिल्डिंग में एक पैंट्री (रसोई) भी होगी। इस प्रोजेक्ट पर पिछले तीन साल से काम चल रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।

सुरक्षा सबसे पहले: बाढ़ वाले इलाकों में नो-एंट्री
विगत वर्षों में बादल फटने और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी आपदाओं से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन बेहद सतर्क है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन सभी जगहों को ‘नो-एंट्री जोन’ बना दिया गया है जहाँ बाढ़ या भूस्खलन का खतरा रहता है।
इस बार ऐसी किसी भी संवेदनशील जगह पर यात्रियों के रुकने के लिए कैंप नहीं लगाए जाएंगे।

इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए दोनों रास्तों को चौड़ा किया गया है और पुराने पुलों को नया व मजबूत बनाया गया है।
