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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपियों के घरों पर चलेगा बुलडोजर, किस आरोपी के हिस्से आए कितने लाख? देखें रिकवरी लिस्ट

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब बेहद गरमा गया है। इस केस में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

एक तरफ जहां चोरी के आरोपियों पर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन का कड़ा चाबुक चलने वाला है, वहीं दूसरी तरफ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इसमें सीधा दखल दे दिया है।

आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है और किस आरोपी के पास से कितने की रिकवरी हुई है।

अवैध कमाई से बने मकानों पर गरजेगा बुलडोजर

योगी सरकार इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उन आरोपियों के घरों की पहचान कर ली है, जो उन्होंने मंदिर में नौकरी मिलने के बाद बनवाए थे।

प्रशासन इन मकानों के नक्शे और कानूनी वैधता की जांच कर रहा है।

जांच के दायरे में मुख्य रूप से आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज में बन रहा मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशल पुरी स्थित घर है।

बताया जा रहा है कि इन मकानों का नक्शा पास नहीं है और नियमों को ताक पर रखकर इन्हें बनाया गया है।

विकास प्राधिकरण आज ही इन आरोपियों को नोटिस थमाने की तैयारी में है, जिसके बाद कभी भी अवैध निर्माण पर बुलडोजर चल सकता है।

ट्रस्ट के भीतर अंदरूनी कलह: महंत दिनेंद्र दास ने गोपाल राव पर दागे सवाल

इस चोरी कांड ने राम मंदिर ट्रस्ट की साख पर भी सवाल खड़े किए हैं, जिसके बाद ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

पहली बार ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने खुलकर पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर निशाना साधा है।

महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि इस पूरे विवाद के पीछे गोपाल राव की गलतियां हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि गोपाल राव राजनीति कर रहे हैं और सबको आपस में उलझा रहे हैं। वे राम की परंपराओं को नहीं मानते।

आपको बता दें कि कर्नाटक के रहने वाले गोपाल राव राम मंदिर के निर्माण प्रभारी और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य रह चुके हैं।

इस बयानबाजी के बाद ट्रस्ट के अंदर का तनाव साफ देखा जा सकता है।

चंपत राय के बाद अनिल मिश्रा से पूछताछ

पुलिस और स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) इस मामले की तह तक जाने में जुटी है।

रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से करीब 3 घंटे तक लंबी पूछताछ की गई थी।

अब चंपत राय के बयानों को क्रॉस-चेक करने के लिए पुलिस आज ट्रस्ट के एक और अहम सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ कर सकती है।

पुलिस मुख्य रूप से यह जानना चाहती है कि आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति में किसकी क्या भूमिका थी।

SIT को मिला 15 जुलाई तक का समय

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गहराई से जांच के लिए SIT की समय-सीमा को बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दिया है।

इससे पहले 23 जून को लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी, जिसके बाद 25 जून को पहली FIR दर्ज हुई और चंपत राय व अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

कोर्ट ने सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जिनकी अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।

किस आरोपी के पास से कितना माल हुआ बरामद?

चोरी की रकम और सामान की बरामदगी को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे हैरान करने वाले हैं।

पुलिस ने अब तक कुल 79.85 लाख रुपए कैश और 1121 अमेरिकी डॉलर बरामद किए हैं।

इसके अलावा भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहने भी मिले हैं।

आरोपियों से हुई बरामदगी की लिस्ट:

  1. अविनाश शुक्ला: सबसे ज्यादा 20,39,220 रुपए कैश, 1121 अमेरिकी डॉलर (करीब 1.06 लाख रुपए), चांदी जैसी धातु, सोने की दो चेन और एक अंगूठी मिली है। (अविनाश के भाई अमित शुक्ला का भी नोटों की गड्डियों के साथ एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।)
  2. करुणेश पांडेय: 18,07,063 रुपए कैश।
  3. अनुकल्प मिश्रा: 16,82,040 रुपए कैश।
  4. लवकुश मिश्रा: 14,25,000 रुपए कैश।
  5. रमाशंकर मिश्रा: 7,32,170 रुपए कैश।
  6. मनीष यादव: 2 लाख रुपए कैश।
  7. राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू: 1 लाख रुपए कैश।

मोहन भागवत तक पहुंची रिपोर्ट

इस संवेदनशील मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी कड़ा रुख अपनाया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार ने अयोध्या में तीन दिन रहकर एक सीक्रेट रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे संघ प्रमुख मोहन भागवत को भेज दिया गया है।

इस रिपोर्ट में मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे के प्रबंधन और ट्रस्ट के कामकाज का पूरा ब्योरा है।

उम्मीद है कि 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बड़ी बैठक में इस रिपोर्ट के आधार पर कई बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

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बार एसोसिएशन भी कराएगा केस

अयोध्या बार एसोसिएशन भी इस मामले में कानूनी मोर्चा खोलने जा रहा है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र के मुताबिक, आज दोपहर 12 बजे संगठन के लोग थाना राम जन्मभूमि जाकर पुलिस को तहरीर देंगे।

यदि पुलिस ने नया मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो वकील अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

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