Premanand Maharaj Ashram Rule Change: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल वृंदावन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
मशहूर संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम ‘केली कुंज’ में दीक्षा और दर्शन की प्रक्रिया को फिलहाल पूरी तरह से रोक दिया गया है।
यह पाबंदी कब तक लागू रहेगी, इस बारे में अभी आश्रम की ओर से कोई आधिकारिक समय-सीमा नहीं दी गई है।
इस बड़े कदम के साथ ही आश्रम में रहने वाले और सेवा से जुड़े साधक-साधिकाओं के लिए तय किए गए पारंपरिक वेशभूषा (ड्रेस कोड) को भी समाप्त कर दिया गया है।

पहले जहाँ आश्रम के साधक सफेद मार्किन के वस्त्र और पीला अचला पहनते थे, वहीं अब वे सामान्य कपड़ों, जैसे कुर्ता-पायजामा या आम पहनावे में नज़र आ रहे हैं।
क्या है वेशभूषा और नियमों में बदलाव की वजह?
हालाँकि आश्रम प्रबंधन ने इन फैसलों को लेकर सीधे तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह सख्त कदम प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण (उर्फ दीपक लोधी) की हालिया आत्महत्या के बाद उठाया गया है।
हाल ही में आश्रम की ओर से एक पैम्पलेट जारी हुआ है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:
* सामान्य शिष्यों के लिए नियम:
जो शिष्य गृहस्थ हैं, विरक्त हैं या किसी प्रकार के व्यवसाय (जैसे दुकान या ठेला लगाना) से जुड़े हैं, वे अब केवल सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा ही पहनेंगे।

* केली कुंज की सेवा में लगे गृहस्थ:
जो गृहस्थ शिष्य महाराज जी या आश्रम की सेवा में कार्यरत हैं, उनके लिए भी अब साधारण पहनावा अनिवार्य कर दिया गया है।
* सफेद वस्त्रों की अनुमति: सफेद कपड़े पहनने की छूट केवल उन्हीं विरक्त शिष्यों को दी गई है जो सीधे महाराज जी की निजी सेवा या केली कुंज की व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं।
पैम्पलेट में यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में दीक्षा लेने वाले और महाराज जी के नए शिष्य बनने की इच्छा रखने वाले लोगों पर भी इन नए बदलावों का असर पड़ेगा।

शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत और उलझी गुत्थी
यह पूरा मामला 25 सितंबर का है, जब प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण ने वृंदावन के गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी।
रसिक दुलारी आश्रम में मुख्य रूप से बिजली मेंटेनेंस (इलेक्ट्रिकल काम) की जिम्मेदारी संभालते थे।
जब पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की, तो घटना से जुड़े कई खौफनाक और अनसुलझे पहलू सामने आए:
* गंभीर चोटें और कटे प्राइवेट पार्ट:
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अत्यधिक खून बहने की वजह से रसिक दुलारी की मौत हुई थी। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले और उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया।

* कमरे से ग्राइंडर बरामद
मृतक के कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक ग्राइंडर (काटने वाली मशीन) मिला है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
* खुद को नुकसान पहुँचाने की वजह अस्पष्ट:
घटना से सवाल उठ रहे हैं कि क्या रसिक ने खुद अपने शरीर को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया था?
चूँकि केली कुंज आश्रम में किसी भी प्रकार की तंत्र-मंत्र या अघोरी क्रियाएँ नहीं होती हैं, इसलिए इस तरह का कदम उठाने के पीछे का कारण किसी की समझ में नहीं आ रहा है।
पुलिस जांच और पूछताछ तेज
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वृंदावन पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से जांच में जुटा हुआ है।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार भारी पुलिस बल के साथ केली कुंज आश्रम पहुँचे थे।

पुलिस अधिकारियों ने आश्रम में लगभग आधा घंटे से अधिक समय बिताया और वहाँ मौजूद लोगों से गहन पूछताछ की।
सीओ संदीप सिंह ने बताया कि अब तक इस मामले में 30 से भी अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
पुलिस मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है—पहला, रसिक दुलारी शरण ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया? और दूसरा, उनके प्राइवेट पार्ट पर लगे जख्मों और कमरे से मिले ग्राइंडर के बीच क्या संबंध है?

फिलहाल, केली कुंज में आने वाले श्रद्धालुओं को इन बदलावों का स्पष्ट असर देखने को मिल रहा है।
महाराज जी के दर्शन बंद होने से दूर-दूर से आने वाले भक्त निराश हैं, वहीं आश्रम परिसर में साधकों का पहनावा पूरी तरह बदल चुका है।
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले का सच सामने आ सकेगा।
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