AR Rahman Bollywood: भारतीय संगीत जगत के ‘मोजार्ट’ कहे जाने वाले ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में बॉलीवुड इंडस्ट्री के बदलते समीकरणों पर खुलकर बात की है।
रहमान के एक हालिया इंटरव्यू ने सोशल मीडिया और फिल्म गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
रहमान का मानना है कि पिछले 8 सालों में उनके लिए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का माहौल काफी बदल गया है।
पहले जैसा काम नहीं मिल रहा है…
एक इंटरव्यू के दौरान एआर रहमान ने संकेत दिया कि उन्हें बॉलीवुड में अब पहले जैसा काम नहीं मिल रहा है।
इसके पीछे उन्होंने ‘सांप्रदायिक एंगल’ और ‘पावर शिफ्ट’ की ओर इशारा किया।
🚨 SHOCKING STATEMENT BY A.R RAHMAN
“Chhaava is a divisive film, it cashed on divisiveness. Urdu was the mother of Hindi film music in 1960s and 1970s”
“I have stopped getting work bcoz of shift in Power in India 🇮🇳”#ARRahman #Chhaava pic.twitter.com/s6CxfvFtGN
— Kushal Sharma (@KushalSharma_89) January 17, 2026
अब बिजनेस मैन चला रहे हैं इंड्रस्टी
रहमान के मुताबिक, पहले संगीत निर्देशक और संगीतकार के बीच की आपसी समझ से बनता था, लेकिन अब यह नियंत्रण बड़े म्यूजिक लेबल्स और कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में चला गया है।
रहमान ने कहा कि फैसले अब रचनात्मक लोग नहीं, बल्कि बिजनेस चलाने वाले लोग ले रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार उन्हें पता चलता है कि किसी प्रोजेक्ट के लिए उनका नाम तय था, लेकिन बाद में म्यूजिक कंपनी ने अपने किसी पसंदीदा कलाकार को काम दे दिया।
EXPLOSIVE statement by #ARRahman on #Chhaava 😯
“It’s a divisive film and encashed on the current mood of the country. But people aren’t fool to be influenced by FALSE information or portrayal.”
What do you think about his comment?
pic.twitter.com/VJE3AXm73x— Navneet Mundhra (@navneet_mundhra) January 17, 2026
जावेद अख्तर ने दावों को नकारा
दूसरी तरफ मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने रहमान के इन दावों से असहमति जताई है।
अख्तर का कहना है कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में रहमान को आज भी बेहद सम्मान की नजर से देखा जाता है।
जावेद अख्तर के अनुसार, काम न मिलने का कारण सांप्रदायिक नहीं बल्कि व्यावहारिक है।
उन्होंने कहा कि रहमान अक्सर अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स और वर्ल्ड टूर्स में व्यस्त रहते हैं, इसलिए छोटे या नए निर्माता उनके पास जाने से झिझकते हैं।
उन्हें लगता है कि रहमान जैसे बड़े कद के कलाकार के पास उनके लिए समय नहीं होगा।
Mumbai: On singer A. R. Rahman statement, lyricist Javed Akhtar says, “…Rahman is such a great personality that small producers may even feel hesitant to approach him..” pic.twitter.com/qekQi1sGBT
— IANS (@ians_india) January 16, 2026
फिल्म ‘रामायण’ और धर्म पर रहमान के विचार
इंटरव्यू के दौरान एक अहम सवाल रहमान के मुस्लिम होने और फिल्म ‘रामायण’ के लिए संगीत देने को लेकर पूछा गया।
इस पर रहमान ने जवाब दिया, “मैंने अपनी शिक्षा एक ब्राह्मण स्कूल में पूरी की है, जहां रामायण और महाभारत की कहानियां हमारे जीवन का हिस्सा थीं।”
रहमान के अनुसार, रामायण किसी धर्म विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय मूल्यों और आदर्श चरित्र की कहानी है।
“I am a Muslim, and I studied in a Brahmin school where we learned the #Ramayana and #Mahabharata every year, so I know the story,” he said.
For #ARRahman, the essence of the epic lies in its moral values and higher ideals.#Ramayanam pic.twitter.com/IGX1xz3Rme
— Milagro Movies (@MilagroMovies) January 17, 2026
उन्होंने पैगंबर मोहम्मद साहब की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान जहां से भी मिले, उसे ग्रहण करना चाहिए।
‘रामायण’ प्रोजेक्ट से जुड़ने पर उन्हें अपने धर्म या नाम की वजह से किसी भी विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है।
भविष्य की राह
रहमान ने स्पष्ट किया कि काम की कमी उनके आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचाती है।
वे काम की तलाश में इधर-उधर नहीं भटकते, बल्कि चाहते हैं कि उनकी ईमानदारी और मेहनत के कारण काम खुद उनके पास आए।

बता दें कि ‘रोजा’ से अपना सफर शुरू करने वाले रहमान ने ‘ताल’, ‘लगान’, ‘रॉकस्टार’ जैसी फिल्मों से भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
फिलहाल वे नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’ और ‘छावा’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।


