Dhurandhar 2 Movie Review: साल 2025 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर रही ‘धुरंधर’ के बाद, निर्देशक आदित्य धर एक बार फिर दर्शकों के लिए इसका दूसरा पार्ट ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ लेकर आए हैं।
जहां पहले पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर 1400 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रचा था, वहीं दूसरे पार्ट से भी लोगों को काफी उम्मीदें थीं।
आइए जानते हैं कि रणवीर सिंह की यह फिल्म उन उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी है।
कहानी: अतीत की परछाईं और अंडरकवर मिशन
फिल्म की कहानी ‘हमजा’ यानी ‘जसकीरत सिंह रांगी’ के अतीत से शुरू होती है।
‘जसकीरत सिंह रांगी’ (रणवीर सिंह) का किरदार इस बार और अधिक गहराई से दिखाया गया है।
कहानी जसकीरत के उस दर्दनाक अतीत को दिखाती है, जिसने उसे अपराध की दुनिया में धकेला।

फांसी की सजा पाने अपराधी को कैसे देश के लिए कुछ बड़ा करने का मौका मिलता है और कैसे वह पाकिस्तान में ‘हमजा अली मजारी’ बनकर एक खतरनाक अंडरकवर मिशन पर निकलता है।
इस बार फिल्म का दायरा सिर्फ गैंगवार तक सीमित नहीं है।
आदित्य धर ने बड़ी ही सफाई से कहानी में नोटबंदी, यूपी की राजनीति, अतीक अहमद और पंजाब में ड्रग्स की समस्या जैसी घटनाओं और देश की सुरक्षा से जुड़ी कई असल किस्से जोड़े हैं।

फिल्म में ‘बड़े साहब’ का रहस्य पूरी कहानी का मेन पॉइंट है, जिसे जानने के लिए दर्शक आखिक तक बंधे रहते हैं।

रणवीर सिंह: वन मैन शो
अगर इस फिल्म को किसी एक कंधे पर टिका हुआ कहा जाए, तो वह रणवीर सिंह ही हैं।
उन्होंने जसकीरत के रूप में जो गुस्सा और जुनून दिखाया है और हमजा के रूप में जो चुप्पी और चालाकी पेश की है, वह काबिले तारीफ है।
उनकी बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलिवरी फिल्म की जान है।

बाकी एक्टर्स की बात करें तो आर. माधवन ने अपनी छोटी लेकिन प्रभावी भूमिका से फिल्म में जान डाल दी है।
संजय दत्त का स्क्रीन प्रेजेंस जबरदस्त है, हालांकि उन्हें और अधिक समय दिया जा सकता था।
राकेश बेदी एक बार फिर सरप्राइज पैकेज बनकर उभरे हैं।
वहीं, अर्जुन रामपाल का विलेन वाला किरदार इस बार उतना खौफ पैदा नहीं कर पाया जितना पहले पार्ट में था।
सारा अर्जुन ने अपने छोटे से रोल में अच्छा काम किया है, पर उनके किरदार को और गहराई दी जा सकती थी।

निर्देशन और तकनीकी पक्ष
आदित्य धर की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘रिसर्च’ है।
फिल्म देखते समय कई बार ऐसा लगता है जैसे हम कोई डॉक्युमेंट्री देख रहे हों, क्योंकि इसमें दिखाई गई घटनाएं इतिहास और राजनीति के बहुत करीब लगती हैं।
उन्होंने जिस तरह से इतिहास के कुछ अनसुलझे सवालों के जवाब फिल्म के माध्यम से देने की कोशिश की है, वह दर्शकों को हैरान कर देता है।

तकनीकी रूप से फिल्म बहुत मजबूत है। सिनेमैटोग्राफी और एक्शन सीक्वेंस हॉलीवुड स्तर के लगते हैं।
क्लाइमैक्स का बैकग्राउंड स्कोर रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
कहां रह गई कमी?
फिल्म में जितनी खूबियां हैं उसके साथ कुछ कमियां भी हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में…
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फिल्म की लंबाई: फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी धीमा है। कहानी को सेट करने के चक्कर में फिल्म कई जगह खिंचती हुई महसूस होती है।
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म्यूजिक: पहले पार्ट के गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं, लेकिन इस बार संगीत वह जादू नहीं चला पाया। ‘आरी आरी’ जैसे इक्का-दुक्का गानों को छोड़कर संगीत कमजोर कड़ी साबित हुआ है।
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सस्पेंस का खुलासा: जिस ‘बड़े साहब’ के नाम पर पूरी फिल्म में सस्पेंस बनाया गया, उसका खुलासा अंत में थोड़ा फीका या ‘खोखला’ महसूस होता है।
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वायलेंस: फिल्म में हिंसा का स्तर काफी ज्यादा है, जो शायद हर वर्ग के दर्शकों को पसंद न आए। इसीलिए इसे कमजोर दिल वालों के लिए वर्जित बताया गया है।
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रहमान डकैत की कमी: दर्शकों को इस फिल्म में रहमान डकैत जैसे दमदार किरदार की कमी महसूस हुई। ‘धुरंधर पार्ट 1’ में इस रोल में अक्षय खन्ना ने इतनी बढ़िया एक्टिंग की थी कि लोग रणवीर सिंह को भी भूल गए थे।

देखें या नहीं?
‘धुरंधर 2’ एक ऐसी फिल्म है जो केवल मनोरंजन नहीं करती, बल्कि भारत-पाकिस्तान में फैले टेररिज्म की बारीकी से पड़ताल करती है।
अगर आप रणवीर सिंह के फैन हैं और आपको थ्रिलर-एक्शन फिल्में पसंद हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक ट्रीट है।
फिल्म की लंबाई और कुछ कमजोर कड़ियों के बावजूद, इसका दमदार सेकंड हाफ और क्लाइमैक्स आपको निराश नहीं करेगा।
रेटिंग: 3.5/5 स्टार
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