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मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल पर भड़का ब्राह्मण समाज, मेकर्स को भेजा लीगल नोटिस

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में फंस गई है।

जैसे ही नेटफ्लिक्स पर इस फिल्म का टीजर सामने आया, देश के कई हिस्सों में विरोध की लहर दौड़ गई है।

ब्राह्मण समाज ने फिल्म के नाम पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे समुदाय का अपमान बताया है।

आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

क्यों हो रहा है फिल्म का विरोध?

विवाद की मुख्य जड़ फिल्म का टाइटल है।

विरोध करने वालों का कहना है कि ‘पंडित’ एक सम्मानजनक शब्द है, जो भारतीय संस्कृति में विद्वत्ता, नैतिकता और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक माना जाता है।

इस शब्द के साथ ‘घूसखोर’ (भ्रष्ट) जोड़ना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है।

मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने इस मामले में मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है।

उनका तर्क है कि क्रिएटिव फ्रीडम (रचनात्मक स्वतंत्रता) के नाम पर किसी विशेष समुदाय की छवि खराब करना गलत है।

नोटिस में मांग की गई है कि फिल्म का नाम तुरंत बदला जाए, क्योंकि यह केवल सनसनी फैलाने के लिए रखा गया है।

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देशभर में गुस्से की लहर: ‘चेहरे पर कालिख पोतेंगे’

मध्य प्रदेश के उज्जैन से लेकर दिल्ली और जयपुर तक, इस फिल्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं:

  • उज्जैन में विरोध: अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उनका कहना है कि फिल्मों में ब्राह्मणों और अन्य समुदायों को निशाना बनाना एक पैटर्न बन गया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर फिल्म निर्माता उनके सामने आए, तो उनके चेहरे पर कालिख पोती जाएगी और उनके पुतले जलाए जाएंगे।

  • तीर्थ पंडा समिति की मांग: उज्जैन के पंडित अमर डिब्बेवाला ने इसे ‘निंदनीय अपराध’ करार देते हुए सेंसर बोर्ड से फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है।

क्या है फिल्म की कहानी?

टीजर के अनुसार, मनोज बाजपेयी इसमें सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं।

दिल्ली के पुलिस महकमे में उनका नाम ‘पंडित’ मशहूर है।

कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी की है जो पिछले 20 सालों से सिस्टम में है, लेकिन अपने भ्रष्ट कारनामों और ‘जुगाड़’ की वजह से बार-बार डिमोट होता रहता है।

फिल्म में उनके इसी नकारात्मक और मजाकिया अंदाज को दिखाने की कोशिश की गई है, जो अब विवाद की वजह बन गया है।

फिलहाल, नेटफ्लिक्स या फिल्म के निर्माताओं की तरफ से इस कानूनी नोटिस और विरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर टाइटल को लेकर विवाद होते रहे हैं, लेकिन ‘घूसखोर पंडत’ का मामला अब अदालत की दहलीज तक पहुंच चुका है।

देखना होगा कि क्या मेकर्स लोगों की भावनाओं को देखते हुए नाम में बदलाव करते हैं या यह विवाद और गहराता है।

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