Homeएंटरटेनमेंटजिस देश के सबसे बड़े सुपरस्टार सलमान, शाहरुख और आमिर हो वहां...

जिस देश के सबसे बड़े सुपरस्टार सलमान, शाहरुख और आमिर हो वहां भेदभाव नहीं हो सकता- मनोज मुंतशिर

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Manoj Muntashir on AR Rahman: हाल ही में ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में भेदभाव को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर काफी विवाद हो रहा है।

अब प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी उनके इस बयान से असहमति जताई है।

एक खास बातचीत में मनोज मुंतशिर ने बताया है कि उन्हें अपने करियर के दौरान कभी भी धर्म या जाति के आधार पर किसी भी तरह के पक्षपात का अनुभव नहीं हुआ।

Manoj Muntashir on AR Rahman, AR Rahman controversy hindi, Bollywood Discrimination News, Manoj Muntashir Interview, Pathaan Jawan Box Office,

रहमान पर गर्व है लेकिन

मनोज मुंतशिर ने रहमान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश उनकी प्रतिभा पर गर्व करता है, लेकिन उनके विचार इस मामले में अलग हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री हमेशा से ही धर्म से अलग रही है।

उन्होंने दिग्गज कलाकारों जैसे जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी, मजरूह सुल्तानपुरी और नौशाद का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस इंडस्ट्री की नींव ही ऐसे महान कलाकारों ने रखी हो, वहां भेदभाव की बात करना समझ से परे है।

‘पठान’ और ‘जवान’ की सक्सेस का उदाहरण दिया

मुंतशिर ने आंकड़ों का सहारा लेते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी फिल्मों ने 500 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और वैश्विक स्तर पर सफलता पाई।

ये फिल्में इस बात का सबूत हैं कि दर्शक और इंडस्ट्री केवल अच्छी कला और कलाकार का समर्थन करते हैं।

मुंतशिर ने आगे कहा जिस देश के सबसे बड़े सुपरस्टार सलमान, शाहरुख और आमिर है वहां भेदभाव हो ही नहीं सकता।

रामायण के म्यूजिक पर बोले

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ए.आर. रहमान खुद ‘छावा’ (जो वीर संभाजी महाराज पर आधारित है) और आने वाली भव्य फिल्म ‘रामायण’ का संगीत तैयार कर रहे हैं।

AR Rahman, AR Rahman Bollywood, AR Rahman controversy, AR Rahman Music, AR Rahman interview, Bollywood politics, AR Rahman Ramayana, Javed Akhtar, AR Rahman communal angle, Bollywood music controversy, AR Rahman Hindi films, AR Rahman Bollywood News, AR Rahman no work

मुंतशिर के मुताबिक, अगर वास्तव में कोई भेदभाव होता, तो इतने बड़े और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स रहमान साहब के पास नहीं होते।

ए.आर. रहमान का वो बयान जिसने मचाया बवाल

पूरे विवाद की जड़ ए.आर. रहमान का वह इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर बात की थी।

रहमान ने कहा था कि पिछले 8 सालों में सत्ता बदलने के साथ-साथ निर्णय लेने वाले लोग भी बदल गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ‘सांप्रदायिक’ कारणों की वजह से उन्हें दरकिनार किया जा रहा है।

हालांकि विवाद गहराता देख ए.आर. रहमान ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।

रहमान ने भारत को अपना गुरु और प्रेरणा बताया और कहा कि कभी-कभी इरादों को गलत समझ लिया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व है क्योंकि यह देश उन्हें अभिव्यक्ति की आजादी देता है।

ये खबरें भी पढ़ें-

सांप्रदायिक भेदभाव वाले बयान पर घिरे ए.आर. रहमान, अब अनूप जलोटा ने दी ‘घर वापसी’ की सलाह

म्यूजिक लीजेंड एआर रहमान को नहीं मिल रहा बॉलीवुड में काम, जावेद अख्तर ने बताई असली वजह

- Advertisement -spot_img