SC on Yadav Ji Ki Love Story: फिल्म घूसखोर पंडत के बाद अपकमिंग मूवी ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर भी काफी विवाद हो रहा था। यहां तक की मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
लेकिन 25 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पर रोक की याचिका को खारिज करते हुए रिलीज का रास्ता साफ कर दिया है।
दरअसल, फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर यादव समाज के कुछ संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
उनकी मांग थी कि इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए क्योंकि इससे उनके समाज की छवि खराब हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने आने वाली फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” का टाइटल बदलने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी है। अर्जी में कहा गया था कि नाम से एक गलत छवि बनती है और यादव समुदाय को गलत तरीके से दिखाया गया है। पिटीशनर ने कहा था कि फिल्म का टाइटल समुदाय की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान… pic.twitter.com/fztFSZHsuo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 25, 2026
क्या है पूरा विवाद?
विश्व यादव परिषद के प्रमुख ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि फिल्म का टाइटल ‘यादव जी की लव स्टोरी’ सीधे तौर पर उनके समाज को निशाना बनाता है।
याचिकाकर्ता की सबसे बड़ी आपत्ति फिल्म की कहानी को लेकर थी।
फिल्म में एक हिंदू यादव लड़की (प्रगति तिवारी) और एक मुस्लिम लड़के (विशाल मोहन) की प्रेम कहानी दिखाई गई है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फिल्म ‘लव जिहाद’ जैसी धारणाओं को बढ़ावा देती है और समाज की संस्कृति और इतिहास के खिलाफ है।
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कोर्ट की सख्त और तार्किक टिप्पणी
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बहुत ही महत्वपूर्ण बातें कहीं।
जब वकील ने दलील दी कि एक हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के की शादी से सामाजिक ताना-बाना खतरे में है, तो कोर्ट ने पूछा— “क्या किसी हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी करने मात्र से हमारा सामाजिक ढांचा टूट जाता है?”
कोर्ट ने साफ किया कि ‘यादव जी’ शब्द में कुछ भी नकारात्मक या अपमानजनक नहीं है।

बेंच ने इसकी तुलना हालिया ‘घूसखोर पंडित’ वाले मामले से की।
कोर्ट ने समझाया कि ‘घूसखोर’ शब्द अपने आप में एक गाली या नकारात्मक विशेषण है, जिससे किसी समुदाय की बेइज्जती हो सकती है।
लेकिन ‘यादव जी’ एक सम्मानजनक संबोधन है, इसमें बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है।

सहनशीलता की सलाह
याचिकाकर्ता के वकील ने जब यह कहा कि फिल्म के रिलीज होने से भावनाएं आहत होंगी, तो कोर्ट ने कहा,
“जरा सहनशील बनिए। यह केवल एक फिक्शन (काल्पनिक कहानी) है। आजकल लोग थिएटर से ज्यादा मोबाइल पर फिल्में देख रहे हैं, एक हफ्ते में सब शांत हो जाएगा।”
कोर्ट ने ‘बैंडिट क्वीन’ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे पहले भी समुदायों के नाम पर फिल्मों को रोकने की कोशिश हुई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया था।

कौन हैं फिल्म के कलाकार?
यह फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। इसके निर्देशक अंकित भड़ाना हैं।
फिल्म की मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी एक मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।
उनके भाई मृदुल तिवारी भी यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर हैं और हाल ही में बिग बॉस में भी नजर आए थे।

फिल्म को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन भी देखे गए हैं, जहां लोग फिल्म के नाम और इसकी थीम को लेकर सड़कों पर उतरे थे।


