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बसंत पंचमी के दिन क्यों पहनते हैं पीले रंग के कपड़े? सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान भी है इसकी वजह

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Basant Panchami Yellow Color: भारत को त्योहारों की भूमि कहा जाता है, जहां हर उत्सव का अपना एक गहरा अर्थ और वैज्ञानिक आधार होता है।

इन्हीं पर्वों में से एक है ‘बसंत पंचमी’। इसे हम श्री पंचमी या ज्ञान पंचमी के नाम से भी जानते हैं।

यह दिन केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि विद्या, कला और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के प्रकट होने का उत्सव भी है।

पीला रंग ही क्यों है सबसे शुभ?

बसंत पंचमी के दिन चारों ओर पीला रंग छाया रहता है—चाहे वो लोगों के वस्त्र हों, मां का भोग हो या खेतों में लहलहाती सरसों।

आइए जानते हैं पीछे के कुछ महत्वपूर्ण कारण:

1. धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पीला रंग शुद्धता, सात्विकता और शांति का प्रतीक है।

मां सरस्वती को पीला और सफेद रंग अत्यंत पसंद है। पीला रंग ‘ज्ञान’ का भी प्रतीक माना जाता है।

इस दिन पीले वस्त्र पहनकर भक्त मां की आराधना करते हैं, जिससे उनके भीतर सात्विक गुणों का विकास होता है।

yellow color on Basant Panchami

2. ऋतुराज का स्वागत

बसंत को ‘ऋतुराज’ यानी सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है।

इस समय प्रकृति का श्रृंगार देखने लायक होता है।

खेतों में सरसों के पीले फूल खिल उठते हैं और सूर्य की रोशनी भी सुनहरी होने लगती है।

पीले कपड़े पहनकर मनुष्य स्वयं को प्रकृति के इसी उल्लास के साथ जोड़ता है।

3. मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक कारण

कलर साइकोलॉजी के अनुसार, पीला रंग मानसिक ऊर्जा को सक्रिय करता है।

यह रंग खुशी, आत्मविश्वास और स्पष्टता का संचार करता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि पीला रंग हमारी एकाग्रता (Concentration) को बढ़ाता है, यही कारण है कि यह दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखता है।

यह रंग सुस्ती को दूर कर मन में उत्साह भरता है।

yellow color on Basant Panchami

कब है बसंत पंचमी 2026? (शुभ मुहूर्त)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में तिथियों के गणित के अनुसार:

  • पंचमी तिथि का आरंभ: 22 जनवरी 2026, शाम 06:15 बजे से।
  • पंचमी तिथि का समापन: 23 जनवरी 2026, रात 08:30 बजे तक।

उदयातिथि के सिद्धांत को मानते हुए, बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का उत्सव 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

yellow color on Basant Panchami

इस दिन का सांस्कृतिक महत्व

भारतीय घरों में बसंत पंचमी का दिन बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

इस दिन केवल कपड़े ही पीले नहीं होते, बल्कि भोजन में भी पीलेपन का समावेश होता है।

केसरिया भात, पीले मीठे चावल, बूंदी के लड्डू और बेसन का हलवा जैसे व्यंजन बनाए जाते हैं।

छोटे बच्चों के लिए यह दिन बहुत खास होता है क्योंकि इसी दिन ‘विद्यारंभ’ संस्कार कराया जाता है, जिसमें बच्चे को पहली बार अक्षर ज्ञान दिया जाता है।

yellow color on Basant Panchami

सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक

पीला रंग हल्दी और सोने से भी जुड़ा है, जिसे भारतीय संस्कृति में सौभाग्य (Good Luck) का सूचक माना जाता है।

नए काम की शुरुआत के लिए यह दिन अबूझ मुहूर्त की तरह होता है।

मान्यता है कि इस दिन पीले रंग के साथ देवी की पूजा करने से आने वाला पूरा साल सुख, समृद्धि और बुद्धिमत्ता से भरा रहता है।

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