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सावधान! चैत्र नवरात्रि पर खरमास और पंचक की छाया, 1 महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Chaitra Navratri Kharmas Panchak: चैत्र नवरात्रि न केवल मां दुर्गा की उपासना का पर्व है, बल्कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) की शुरुआत भी होती है।

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च (राम नवमी) तक चलेगी।

लेकिन इस बार ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल नवरात्रि के पावन दिनों पर ‘खरमास’ और ‘पंचक’ का साया रहने वाला है।

ऐसे में आम लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या इस दौरान शादी, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य किए जा सकेंगे?

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आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

क्या है खरमास और क्यों रुक जाते हैं शुभ कार्य?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव अपने गुरु यानी देवगुरु बृहस्पति की राशि (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उस समय को ‘खरमास’ कहा जाता है।

2026 में 15 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास लग जाएगा। यह समय 14 अप्रैल तक रहेगा।

मान्यता है कि इस दौरान सूर्य का तेज कम हो जाता है और बृहस्पति (जो कि विवाह और मांगलिक कार्यों के कारक हैं) की शक्ति भी क्षीण हो जाती है।

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इसीलिए, इस एक महीने की अवधि में शादी-ब्याह, जनेऊ संस्कार, मुंडन और नए घर में प्रवेश जैसे कार्यों को वर्जित माना गया है।

पंडितों का मानना है कि इस समय किए गए कार्यों से मनचाहा फल नहीं मिलता और नकारात्मकता आ सकती है।

पंचक: शुरुआती दिनों में सावधानी

सिर्फ खरमास ही नहीं, बल्कि नवरात्रि की शुरुआत में ‘पंचक’ भी लग रहा है।

16 मार्च की शाम से शुरू होने वाला पंचक 20 मार्च तक रहेगा।

चूंकि नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है, इसलिए शुरुआती दो दिन पंचक के घेरे में रहेंगे।

पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा, घर की छत डलवाना या लकड़ी इकट्ठा करना जैसे काम अशुभ माने जाते हैं।

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हालांकि, नवरात्रि की पूजा पर पंचक का कोई बुरा असर नहीं पड़ता।

भक्ति के लिए श्रेष्ठ, लेकिन इन कामों पर ब्रेक

अक्सर लोग नवरात्रि को इतना शुभ मानते हैं कि इसमें बिना मुहूर्त देखे ही नई गाड़ी खरीदना या नए घर में शिफ्ट होना पसंद करते हैं।

लेकिन साल 2026 में ज्योतिषी इससे बचने की सलाह दे रहे हैं।

  • विवाह और सगाई: खरमास के कारण 14 अप्रैल तक कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं है।
  • गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश करना इस दौरान शुभ नहीं होगा।
  • खरीदारी: कीमती वस्तुओं या वाहन की खरीदारी से बचना बेहतर है।

लेकिन घबराइए नहीं! यह समय आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाने के लिए सबसे उत्तम है।

भले ही सांसारिक मांगलिक कार्य रुके हों, लेकिन मां दुर्गा की साधना, मंत्र जाप और दान-पुण्य के लिए यह समय दोगुना फल देने वाला है।

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घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त

अगर आप घर में कलश स्थापित करना चाहते हैं, तो समय का विशेष ध्यान रखें।

19 मार्च 2026 को कलश स्थापना के लिए दो श्रेष्ठ मुहूर्त बन रहे हैं:

  1. सुबह का मुहूर्त: प्रातः 06:52 से सुबह 07:53 तक।
  2. अभिजीत मुहूर्त: यदि आप सुबह पूजा नहीं कर पाते हैं, तो दोपहर 12:05 से 12:53 के बीच कलश स्थापना कर सकते हैं।

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कर्म नहीं, धर्म पर दें जोर

साल 2026 की चैत्र नवरात्रि हमें यह सिखाती है कि कभी-कभी बाहरी चमक-धमक और उत्सवों से हटकर अंतर्मन की शुद्धि जरूरी है।

खरमास में मांगलिक कार्य भले ही वर्जित हों, लेकिन देवी की आराधना में कोई बाधा नहीं होती।

इस समय दुर्गा सप्तशती का पाठ और राम नाम का जप करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।

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