February 2026 Vrat-Festival: साल 2026 का दूसरा महीना यानी फरवरी धार्मिक और आध्यात्मिक नजरिए से बेहद खास होने वाला है।
इस महीने में न केवल भगवान शिव की सबसे बड़ी रात ‘महाशिवरात्रि’ आएगी, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा बरसाने वाली दो एकादशियां और साल का पहला सूर्य ग्रहण भी इसी महीने लगने जा रहा है।
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि फरवरी में कौन सा व्रत कब है, तो यहां आपको सारी जानकारी मिल जाएगी।
आइए जानते हैं फरवरी 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी जानकारी।
2 फरवरी से फाल्गुन मास का आरंभ हो जाएगा।
फरवरी 2026 की मुख्य एकादशियां
भगवान विष्णु के भक्तों के लिए फरवरी में दो बड़े मौके आएंगे:
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विजया एकादशी (13 फरवरी, शुक्रवार): यह एकादशी अपने नाम के अनुसार हर कार्य में विजय दिलाने वाली मानी जाती है। इसी दिन सूर्य देव भी राशि परिवर्तन कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे ‘कुंभ संक्रांति’ कहा जाता है।
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आमलकी एकादशी (27 फरवरी, शुक्रवार): इसे ‘आंवला एकादशी’ भी कहते हैं। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
भगवान शिव के भक्तों के लिए यह महीना उत्सव जैसा है।
शनि प्रदोष व्रत (14 फरवरी):
त्रयोदशी तिथि शनिवार को होने के कारण यह शनि प्रदोष होगा, जो कर्ज और कष्टों से मुक्ति के लिए उत्तम है।
महाशिवरात्रि (15 फरवरी):
साल का सबसे बड़ा शिव पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा।
इस दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था।
शिवरात्रि की पूजा के लिए विशेष ‘निशीथ काल’ का समय 15 फरवरी की रात 11:52 से 16 फरवरी की रात 12:42 तक रहेगा।
सूर्य ग्रहण और फाल्गुन अमावस्या
17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या है, जिसे ‘दर्श अमावस्या’ भी कहते हैं।
इसी दिन सूर्य ग्रहण का संयोग भी बन रहा है।
ज्योतिष की दृष्टि से यह दिन पितृ तर्पण, दान और साधना के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।
होलाष्टक का प्रारंभ
फरवरी के अंत में होली की तैयारी भी शुरू हो जाएगी। 24 फरवरी को होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार, होलाष्टक के 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य (जैसे शादी, मुंडन या गृह प्रवेश) नहीं किया जाता है।
फरवरी 2026 के व्रत-त्योहारों की संपूर्ण सूची
| तारीख | दिन | व्रत / त्योहार |
| 01 फरवरी | रविवार | माघ पूर्णिमा, गुरु रविदास जयंती |
| 02 फरवरी | सोमवार | फाल्गुन मास प्रारंभ |
| 04 फरवरी | बुधवार | शबेबरात (मुस्लिम पर्व) |
| 05 फरवरी | गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 07 फरवरी | शनिवार | यशोदा जयंती |
| 08 फरवरी | रविवार | भानु सप्तमी, शबरी जयंती |
| 09 फरवरी | सोमवार | जानकी जयंती (सीता अष्टमी) |
| 12 फरवरी | गुरुवार | स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती |
| 13 फरवरी | शुक्रवार | विजया एकादशी, कुंभ संक्रांति |
| 14 फरवरी | शनिवार | शनि प्रदोष व्रत, वेलेंटाइन डे |
| 15 फरवरी | रविवार | महाशिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि |
| 17 फरवरी | मंगलवार | सूर्य ग्रहण, फाल्गुन अमावस्या |
| 18 फरवरी | बुधवार | चंद्र दर्शन, फुलेरा दूज |
| 19 फरवरी | गुरुवार | रमजान प्रारंभ, शिवाजी जयंती, रामकृष्ण परमहंस जयंती |
| 22 फरवरी | रविवार | स्कंद षष्ठी |
| 24 फरवरी | मंगलवार | होलाष्टक प्रारंभ, दुर्गा अष्टमी |
| 27 फरवरी | शुक्रवार | आमलकी एकादशी |
| 28 फरवरी | शनिवार | नृसिंह द्वादशी |
ज्योतिषीय बदलाव (ग्रह गोचर)
फरवरी का महीना केवल व्रत-त्योहारों के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रहों की चाल के लिए भी खास है।
इस महीने बुध, शुक्र, सूर्य और मंगल जैसे बड़े ग्रह अपनी राशियां बदलेंगे।
- 13 फरवरी को सूर्य कुंभ राशि में जाएंगे।
- 23 फरवरी को मंगल का कुंभ राशि में प्रवेश होगा।
- 26 फरवरी को बुध ग्रह अपनी वक्री चाल शुरू करेंगे, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, फरवरी 2026 का महीना भक्ति, व्रत और ज्योतिषीय परिवर्तनों का एक अनूठा संगम है।
यह महीना आत्म-शुद्धि और नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।


