Geyser Water Side Effects: कड़ाके की ठंड में जब सुबह-सुबह बिस्तर छोड़ने का मन नहीं करता, तब गीजर का गरम पानी किसी वरदान से कम नहीं लगता।
आजकल लगभग हर घर में गीजर एक बुनियादी जरूरत बन गया है।
यह पानी को तुरंत गरम कर देता है और बाल्टी या चूल्हे पर पानी गरम करने की झंझट खत्म कर देता है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस गरम पानी से आप सुकून महसूस कर रहे हैं, वह आपकी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहा है?
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही बहुत अधिक गरम पानी से नहाने के प्रति आगाह करते हैं।

आइए समझते हैं कि गीजर का पानी आपकी सेहत, त्वचा और अंगों को कैसे प्रभावित करता है।
1. त्वचा का प्राकृतिक निखार और तेल खत्म होना
हमारी त्वचा की ऊपरी परत पर एक प्राकृतिक तेल (Natural Oils) की परत होती है, जो इसे हाइड्रेटेड रखती है।
जब हम गीजर के तेज गरम पानी का इस्तेमाल करते हैं, तो यह तेल पूरी तरह धुल जाता है।
इसके परिणामस्वरूप त्वचा रूखी, बेजान और पपड़ीदार हो जाती है।
2. खुजली, सूजन और चकत्ते
अत्यधिक गरम पानी त्वचा की कोशिकाओं को उत्तेजित कर देता है, जिससे शरीर पर लाल चकत्ते, सूजन और लगातार खुजली की समस्या शुरू हो सकती है।
इसे ‘विंटर इच’ (Winter Itch) भी कहा जाता है।
3. सेंसिटिव स्किन के लिए जोखिम
जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील (Sensitive) होती है, उनके लिए बहुत गरम पानी “थर्मल इंजरी” का कारण बन सकता है।
कई बार पानी इतना गरम होता है कि त्वचा की ऊपरी परत हल्की झुलस जाती है, जिसका पता तुरंत नहीं चलता लेकिन बाद में जलन महसूस होती है।
4. हेयर फॉल और स्कैल्प की समस्या
गरम पानी बालों के लिए जहर के समान है।
यह बालों के क्यूटिकल्स को खोल देता है और जड़ों को कमजोर कर देता है।
इससे बाल दोमुंहे हो जाते हैं और तेजी से झड़ने लगते हैं।
स्कैल्प का प्राकृतिक मॉइस्चर खत्म होने से रूसी (Dandruff) की समस्या भी बढ़ जाती है।
5. दिल की सेहत पर दबाव
जब हम गरम पानी से नहाते हैं, तो शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है।
इसे नियंत्रित करने के लिए रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव होता है।
यह स्थिति हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे हार्ट रेट (Heart Beat) असामान्य हो सकती है।

6. फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर असर
बंद बाथरूम में जब गरम पानी की भाप बनती है, तो यह सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचती है।
अस्थमा या सांस की बीमारी वाले मरीजों के लिए यह भाप खतरनाक हो सकती है, जिससे फेफड़ों में हल्की सूजन या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
7. मांसपेशियों और जोड़ों में खिंचाव
अक्सर लोग दर्द दूर करने के लिए गरम पानी से नहाते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा देर तक ऐसा करने से मांसपेशियों में थकान और जोड़ों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे शरीर में भारीपन महसूस होता है।
8. प्रजनन क्षमता (Fertility) पर प्रभाव
शोध बताते हैं कि लंबे समय तक (30 मिनट से ज्यादा) गरम पानी के टब में बैठने या नहाने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है।
अत्यधिक गर्मी शुक्राणुओं के उत्पादन और उनकी गुणवत्ता को कम कर सकती है।
9. डिहाइड्रेशन का खतरा
गरम पानी शरीर के तापमान को बढ़ाता है, जिससे शरीर ठंडा होने के लिए पसीना छोड़ता है।
नहाते समय पसीने का अहसास नहीं होता, लेकिन इससे शरीर के अंदर पानी की कमी (Dehydration) हो सकती है, जिससे नहाने के बाद चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो सकती है।
10. बच्चों की कोमल त्वचा के लिए खतरनाक
नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की त्वचा वयस्कों की तुलना में बहुत पतली होती है।
गीजर का तेज गरम पानी उन्हें गंभीर रूप से जला सकता है।
उनके लिए हमेशा गुनगुने पानी का ही उपयोग करना चाहिए।

बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
सिर्फ नुकसान जानना ही काफी नहीं है, सुरक्षित रहने के लिए कुछ आदतों को बदलना जरूरी है:
- तापमान का ध्यान: पानी को ‘गरम’ नहीं बल्कि ‘गुनगुना’ (Luke warm) रखें।
- समय सीमा: 10 से 15 मिनट से ज्यादा देर तक पानी में न रहें।
- बालों की सुरक्षा: बालों को धोने के लिए हमेशा सामान्य या बहुत हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करें।
- मॉइस्चराइजिंग: नहाने के तुरंत बाद (जब त्वचा थोड़ी नम हो) तेल या लोशन लगाएं ताकि नमी लॉक हो सके।
- पानी पिएं: नहाने के बाद एक गिलास साधारण पानी जरूर पिएं ताकि डिहाइड्रेशन न हो।

गीजर इस्तेमाल करने की तकनीकी सुरक्षा
सेहत के साथ-साथ गीजर की तकनीकी सुरक्षा भी अहम है।
कभी भी गीजर ऑन करके न नहाएं।
ऑटोमैटिक कट-ऑफ फेल होने की स्थिति में गीजर फट सकता है या पानी के जरिए बिजली का करंट बाल्टी तक पहुंच सकता है।
हमेशा पानी गरम होने के बाद स्विच बंद करें और प्लग निकाल दें, तभी स्नान करें।


