Cooking Gas Saving Tips: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण भारत में भी ईंधन की कीमतों पर असर दिख रहा है।
हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) के दाम में 115 रुपये और घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) में 60 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
कई शहरों में तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 900 रुपये के पार जा चुकी है।
ऐसे में आम आदमी के पास दो ही रास्ते हैं: या तो वह बढ़ती कीमतों को चुपचाप सहे, या फिर स्मार्ट कुकिंग के जरिए गैस की खपत कम करे।

आइए जानते हैं वे तरीके जिनसे आप न सिर्फ गैस बचा सकते हैं, बल्कि अपने किचन को आधुनिक और किफायती भी बना सकते हैं।
गैस बचाने के 5 स्मार्ट और आधुनिक विकल्प
जब गैस के दाम आसमान छू रहे हों, तो केवल एलपीजी पर निर्भर रहना अक्लमंदी नहीं है।
सरकार भी अब रेलवे स्टेशनों और कैंटीनों में बिजली से चलने वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर जोर दे रही है।
-
इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop): यह बिजली से चलने वाला सबसे तेज और सुरक्षित विकल्प है। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक की वजह से यह सीधे बर्तन को गर्म करता है, जिससे गर्मी बर्बाद नहीं होती। इसमें टाइमर और तापमान नियंत्रण जैसे फीचर्स होते हैं, जिससे खाना जलने का डर भी नहीं रहता।

2. इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर (Electric Pressure Cooker): यह मल्टी-टास्कर मशीन है। इसमें आप दाल, चावल से लेकर बिरयानी और सूप तक सब बना सकते हैं। यह ऑटोमैटिक होता है, इसलिए आपको सीटियां गिनने की जरूरत नहीं पड़ती और यह गैस की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।

3. सोलर कुकर (Solar Cooker): अगर आपके घर में अच्छी धूप आती है, तो यह ‘जीरो कॉस्ट’ कुकिंग का सबसे अच्छा तरीका है। इसमें खाना धीमी आंच पर पकता है, जिससे पोषक तत्व बरकरार रहते हैं और ईंधन का एक पैसा भी खर्च नहीं होता।

4. बायोगैस सिस्टम (Biogas System): जिनके पास अपना बगीचा या पशुधन है, उनके लिए बायोगैस वरदान है। रसोई के गीले कचरे से गैस बनती है, जिससे आप मुफ्त में खाना बना सकते हैं। यह पर्यावरण के लिए भी बेहतरीन है।

5. एयर फ्रायर और माइक्रोवेव (Air Fryer & Microwave): खाना गर्म करने या हल्का-फुल्का नाश्ता बनाने के लिए गैस जलाना समझदारी नहीं है। एयर फ्रायर कम तेल में हेल्दी खाना देता है और माइक्रोवेव मिनटों में खाना गर्म कर गैस की बड़ी बचत करता है।

LPG की उम्र बढ़ाने वाले 10 असरदार ‘देसी’ टिप्स
अगर आप गैस स्टोव का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप सिलेंडर को कम से कम 10-15 दिन ज्यादा चला सकते हैं:
- सब्जियां काट कर रखें: अक्सर लोग गैस जलाने के बाद सब्जी काटना शुरू करते हैं। इससे काफी गैस बर्बाद होती है। पहले सारी तैयारी (काटना, मसाला पीसना) कर लें, फिर स्टोव जलाएं।
- प्रेशर कुकर का जादू: खुले बर्तन में खाना पकाने से ज्यादा गैस लगती है। PCRA के अनुसार, प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करने से दालों पर 46% और सब्जियों पर 70% तक ईंधन बचाया जा सकता है।
- दाल-चावल को भिगोएं: पकाने से आधे घंटे पहले दाल और चावल को पानी में भिगो दें। इससे वे नरम हो जाते हैं और बहुत जल्दी पकते हैं।
- आंच को रखें धीमा: उबलने के बाद आंच को कम कर दें। तेज आंच बर्तन के बाहर निकलकर हवा गर्म करती है, खाना नहीं। धीमी आंच पर खाना बेहतर पकता है और 25% गैस बचती है।
- चौड़े बर्तनों का चुनाव: हमेशा ऐसे बर्तनों का उपयोग करें जो बर्नर की लौ को पूरी तरह ढक लें। छोटे बर्तन के किनारों से निकलने वाली आग बेकार जाती है।

6. पानी का सही नाप: जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर उसे सुखाने में एक्स्ट्रा गैस जलती है। उतना ही पानी डालें जितना जरूरी हो।
7. बर्तन को ढककर पकाएं: बिना ढक्कन के खाना पकाने पर भाप के साथ गर्मी बाहर निकल जाती है। हमेशा ढक्कन लगाकर पकाएं, खाना 30% जल्दी बनेगा।
8. फ्रिज से सीधा स्टोव पर न रखें: फ्रिज से निकाली गई ठंडी चीजों को पहले कमरे के तापमान (Normal Temperature) पर आने दें, फिर गरम करें। ठंडी चीज को गर्म करने में गैस ज्यादा लगती है।
9. बर्नर की सफाई: अगर आपके बर्नर की लौ नीली के बजाय पीली या नारंगी दिख रही है, तो समझ लीजिए कि वह गंदा है और गैस बर्बाद कर रहा है। उसे नियमित साफ करें।
10. लीकेज चेक करें: महीने में एक बार साबुन के झाग से पाइप और रेगुलेटर की जांच जरूर करें। मामूली लीकेज भी आपके बजट और सुरक्षा के लिए खतरनाक है।

ईंधन का संकट वैश्विक है, लेकिन हमारी बचत व्यक्तिगत है।
अगर हम आज से ही अपनी आदतों में ये छोटे बदलाव करें और बिजली के स्मार्ट विकल्पों को अपनाएं, तो बढ़ते दामों का असर हमारे बजट पर कम होगा।
याद रखें, बचाई गई गैस, बचाए गए पैसे के बराबर है!
