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रेलवे की बड़ी पहल: वेंडर की जैकेट पर होगा QR कोड, ज्यादा पैसे मांगे तो तुरंत पकड़ी जाएगी चोरी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Indian Railways QR Code Menu: भारतीय रेलवे अक्सर अपनी सेवाओं में सुधार के लिए तकनीक का सहारा लेता रहा है।

इसी कड़ी में आईआरसीटीसी (IRCTC) ने यात्रियों को खाने-पीने की चीजों में होने वाली लूट-खसोट से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

अक्सर यात्री शिकायत करते हैं कि पेंट्री कार या स्टेशन के वेंडर एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूलते हैं।

अब इसका समाधान ‘क्यूआर कोड वर्दी’ के रूप में आ गया है।

वेंडर की वर्दी पर होगा रेट कार्ड

अब ट्रेनों में खाना परोसने वाले वेंडर्स की वर्दी (शर्ट या जैकेट) पर एक QR Code प्रिंट होगा।

जैसे ही आप अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन करेंगे, आपकी स्क्रीन पर खाने-पीने की पूरी सूची (मेन्यू) और उनकी आधिकारिक कीमतें खुल जाएंगी।

इससे वेंडर आपसे एक रुपया भी ज्यादा नहीं मांग पाएंगे।

इस नई व्यवस्था की खास बातें:

  • डिजिटल पेमेंट: स्कैन करने पर न केवल मेन्यू दिखेगा, बल्कि आप यूपीआई (UPI) या कार्ड के जरिए डिजिटल भुगतान भी कर पाएंगे। इससे ‘छुट्टे पैसों’ का झंझट खत्म होगा।

  • स्टाफ की नई पहचान: प्रीमियम ट्रेनों जैसे वंदे भारत और राजधानी के स्टाफ अब ‘नेवी ब्लू’ जैकेट में नजर आएंगे, जिस पर हेल्पलाइन नंबर भी दर्ज होगा। अन्य ट्रेनों के स्टाफ ‘लाइट ब्लू’ टी-शर्ट में होंगे।

  • पूरे देश में लागू: भोपाल रेल मंडल समेत कोंकण, सेंट्रल और वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही यह पूरे भारत में अनिवार्य होगा।

UTS App की विदाई, ‘RailOne’ की एंट्री

सिर्फ खाना ही नहीं, रेलवे टिकट बुकिंग के सिस्टम में भी बड़ा फेरबदल करने जा रहा है।

वर्तमान में जनरल टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए इस्तेमाल होने वाला UTS APP मार्च 2026 से बंद कर दिया जाएगा।

इसकी जगह पर रेलवे ‘RailOne’ नाम का एक नया ऑल-इन-वन ऐप पेश करेगा।

यह ऐप मौजूदा यूटीएस ऐप से ज्यादा मॉडर्न और यूजर-फ्रेंडली होगा।

यात्रियों को अब अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग ऐप नहीं रखने होंगे।

रेल वन ऐप के जरिए पेपरलेस टिकट और जीपीएस आधारित बुकिंग की सुविधा और भी बेहतर तरीके से मिलेगी।

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