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जुलाई व्रत-त्योहार: जगन्नाथ रथ यात्रा, देवशयनी एकादशी और सावन की शुरुआत, देखें पूरी लिस्ट

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

July 2026 Vrat Festival List: साल 2026 का जुलाई महीना धार्मिक और आध्यात्मिक नजरिए से बेहद खास होने वाला है।

इस महीने में भारतीय हिंदू कैलेंडर के दो सबसे पवित्र महीनों आषाढ़ और श्रावण (सावन) का बहुत ही सुंदर संयोग देखने को मिलेगा।

पूजा-पाठ, व्रत और साधना के लिए इस समय को सबसे उत्तम माना गया है।

जुलाई के महीने में जहां एक तरफ भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाएंगे, वहीं दूसरी तरफ देवों के देव महादेव की भक्ति का महापर्व ‘सावन’ भी इसी महीने से शुरू हो जाएगा।

इसके अलावा, शक्ति की साधना के लिए गुप्त नवरात्रि और जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भी इसी महीने में निकाली जाएगी।

अगर आप भी जुलाई महीने में आने वाले व्रत-त्योहारों की तैयारी करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि इस महीने ग्रहों की चाल में क्या बदलाव होने जा रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है।

जुलाई 2026 के व्रत और त्योहारों की पूरी लिस्ट

जुलाई के महीने में कई बड़े व्रत और त्योहार आने वाले हैं। भक्तों को इन त्योहारों का पूरे साल इंतजार रहता है।

आइए जानते हैं कि किस तारीख को कौन सा व्रत या त्योहार मनाया जाएगा:

 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) – संकष्टी चतुर्थी

जुलाई महीने की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से हो रही है। इस दिन गणेश जी के ‘कृष्णपिङ्गल’ स्वरूप की पूजा की जाती है।

भक्त अपने जीवन के दुखों और संकटों को दूर करने के लिए पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत खोलते हैं।

6 जुलाई 2026 (सोमवार) – आषाढ़ कालभैरव अष्टमी

यह दिन भगवान शिव के रौद्र और उग्र रूप ‘कालभैरव’ को समर्पित है। तांत्रिक साधना और जीवन से नकारात्मक शक्तियों व डर को दूर करने के लिए यह दिन बहुत उत्तम माना जाता है।

10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) – योगिनी एकादशी

पद्म पुराण के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से इंसान के जीवन के सभी बड़े पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन भगवान नारायण (विष्णु जी) की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

12 जुलाई 2026 (रविवार) – रवि प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि

जुलाई के महीने में शिव भक्तों के लिए यह एक बहुत ही दुर्लभ और सुंदर संयोग है। इस दिन प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि दोनों एक साथ पड़ रहे हैं।

शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होंगे।

14 जुलाई 2026 (मंगलवार) – आषाढ़ अमावस्या

धार्मिक दृष्टिकोण से आषाढ़ महीने की अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस दिन मन की शांति के लिए दान-पुण्य, ईश्वर की आराधना और पितरों के तर्पण का नियम है।

15 जुलाई 2026 (बुधवार) – आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ

मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की साधना के लिए गुप्त नवरात्रि को बहुत सिद्धिदायक माना जाता है। तंत्र विद्या और विशेष अनुष्ठानों के लिए यह समय सबसे उत्तम होता है।

16 जुलाई 2026 (गुरुवार) – जगन्नाथ रथ यात्रा और कर्क संक्रांति

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा इसी दिन से शुरू होगी।

भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) जाएंगे।

इसी दिन सूर्य देव मिथुन राशि को छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है।

17 जुलाई 2026 (शुक्रवार) – आषाढ़ विनायक चतुर्थी

घर में सुख-समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति के लिए विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा करने से सारे अटके काम पूरे हो जाते हैं।

22 जुलाई 2026 (बुधवार) – भड़ली नवमी (अबूझ मुहूर्त)

सनातन धर्म में भड़ली नवमी को विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए ‘अबूझ मुहूर्त’ माना गया है।

यानी इस दिन बिना पंचांग या शुभ मुहूर्त देखे कोई भी मांगलिक कार्य जैसे शादी-ब्याह, मुंडन या गृह प्रवेश किया जा सकता है।

25 जुलाई 2026 (शनिवार) – देवशयनी एकादशी और चातुर्मास प्रारंभ

यह इस महीने का सबसे बड़ा धार्मिक दिन है। इस दिन से भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा (शयन काल) में चले जाएंगे।

इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी और अगले चार महीनों तक शादी-ब्याह जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।

26 जुलाई 2026 (रविवार) – आषाढ़ रवि प्रदोष व्रत

भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु इस दिन व्रत रखेंगे। शाम के समय शिव परिवार की पूजा करने से जीवन का तनाव दूर होता है।

28 जुलाई 2026 (मंगलवार) – कोकिला व्रत

महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं।

वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए इस दिन माता पार्वती की विशेष पूजा करती हैं।

29 जुलाई 2026 (बुधवार) – गुरु पूर्णिमा और आषाढ़ पूर्णिमा

जुलाई महीने का समापन गुरु पूर्णिमा जैसे महान और पवित्र पर्व के साथ होगा। इस दिन लोग अपने गुरुओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेते हैं।

इसी दिन आषाढ़ महीने के स्नान-दान की पूर्णिमा भी मनाई जाएगी।

30 जुलाई 2026 (गुरुवार) – श्रावण (सावन) मास का प्रारंभ

इस तारीख से देश भर में पवित्र सावन महीने की शुरुआत हो जाएगी। सावन का पूरा महीना भगवान शिव की भक्ति में सराबोर रहता है।

इसी दिन से कांवड़ यात्रा और सावन के सोमवार व्रतों के नियम भी शुरू हो जाएंगे।

जुलाई में ग्रहों का बड़ा फेरबदल: आसमान में बनेंगे ये शुभ और अशुभ योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जुलाई 2026 का महीना ग्रहों के गोचर (राशि परिवर्तन) के लिहाज से भी बहुत उथल-पुथल और बदलावों वाला रहेगा।

इस महीने कई बड़े ग्रह अपनी चाल बदलने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर देश-दुनिया और सभी राशियों पर पड़ेगा।

शुक्र का सिंह राशि में गोचर (4 जुलाई): सुख, समृद्धि, वैभव और प्रेम के कारक शुक्र देव 4 जुलाई को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इससे लोगों की लाइफस्टाइल में सुधार होगा।

भौतिक सुख-सुविधाओं की चीजें खरीदने और प्रेम संबंधों को मजबूत करने के लिए यह समय बहुत शानदार रहेगा।

सूर्य देव का ‘गुरु-आदित्य योग’: जुलाई के शुरुआती 15 दिनों में सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे। इसके बाद महीने के दूसरे हिस्से में वे कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

कर्क राशि में पहले से ही गुरु (बृहस्पति) मौजूद हैं। ऐसे में सूर्य और गुरु की युति से ‘गुरु-आदित्य योग’ नाम का बेहद शुभ राजयोग बनेगा, जो समाज में ज्ञान और मान-सम्मान को बढ़ाएगा।

बुध ग्रह की उल्टी और सीधी चाल: बुद्धि और व्यापार के दाता बुध देव जुलाई की शुरुआत में वक्री (उल्टी चाल) रहेंगे।

इसकी वजह से शुरुआती दिनों में लोगों को बातचीत (कम्युनिकेशन) और बिजनेस में थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

लेकिन 23 जुलाई 2026 को बुध देव फिर से मार्गी (सीधी चाल) हो जाएंगे, जिससे करियर और व्यापार की सारी रुकावटें दूर होंगी।

शनि, राहु और केतु की स्थिति: न्याय के देवता शनि देव पूरे महीने मीन राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चलते रहेंगे। वहीं राहु मीन में और केतु कन्या राशि में बने रहेंगे।

इन धीमी चाल वाले ग्रहों के कारण कई लोगों को अपने पुराने कर्मों का फल भुगतना पड़ सकता है।

खुल जाएगी किस्मत की तिजोरी: इन 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ

जुलाई 2026 में होने वाले इन बड़े व्रत-त्योहारों और ग्रहों के शुभ संयोगों के कारण कुछ राशियों के जीवन में खुशियों की बौछार होने वाली है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस महीने 4 विशेष राशियों की किस्मत पूरी तरह से चमकने वाली है:

1. वृषभ राशि (Taurus): शुक्र के राशि परिवर्तन से आपके भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। धन कमाने के नए साधन मिलेंगे और परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है।

2. मिखुन राशि (Gemini): सूर्य के गोचर और बुध के मार्गी होने से आपके करियर में आ रही रुकावटें दूर होंगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी का ऑफर मिल सकता है।

3. तुला राशि (Libra): आपके लिए यह महीना आर्थिक रूप से बहुत मजबूत रहेगा। पुराने अटके हुए पैसे वापस मिल सकते हैं और बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है।

4. मकर राशि (Capricorn): शनि देव की कृपा और सावन की शुरुआत आपके लिए वरदान साबित होगी। सेहत में सुधार होगा और आपको अचानक भारी धन लाभ होने के मजबूत योग हैं।

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डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।हम इसकी पूरी तरह से सही या सटीक होने का कोई दावा नहीं करते हैं। किसी भी व्रत, त्योहार या ज्योतिषीय उपाय को करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विद्वान या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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