5 Juma in Ramadan 2026: रमजान के महीने में दुनिया भर के मुसलमान रोजा रखकर और इबादत कर अल्लाह की रजा हासिल करने में जुटे हैं।
लेकिन साल 2026 का यह रमजान सिर्फ इबादत के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनोखे इत्तेफाक के लिए भी याद रखा जाएगा।
खगोलीय गणनाओं और कैलेंडर के अनुसार, इस बार रमजान के महीने में 5 शुक्रवार (जुमा) पड़ सकते हैं।
ऐसा पूरे 25 साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहा है, जिसने इस महीने की अहमियत को और बढ़ा दिया है।
इससे पहले साल 2001 में ऐसा हुआ था।

क्या है 5 जुमा और 2 ‘अलविदा’ ?
इस्लाम में शुक्रवार यानी जुमा के दिन को ‘सैयदुल अय्याम’ (दिनों का सरदार) कहा जाता है।
रमजान के महीने में पड़ने वाले जुमा की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है।
इस बार तिथियों का गणित कुछ ऐसा बैठा है कि 20 फरवरी से लेकर 20 मार्च तक कुल 5 शुक्रवार आ रहे हैं।
कन्फ्यूजन और उत्साह इस बात को लेकर है कि ‘अलविदा जुमा’ (रमजान का आखिरी शुक्रवार) किसे माना जाए।

आमतौर पर रमजान के सबसे अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुमा कहा जाता है।
इस बार 13 मार्च को चौथा जुमा है और 20 मार्च को पांचवां।
अगर चांद 29 का हुआ, तो 20 मार्च को ईद हो सकती है, ऐसी सूरत में 13 मार्च का जुमा आखिरी होगा।
वहीं अगर 30 रोजे पूरे हुए, तो 20 मार्च का जुमा ही असली ‘अलविदा’ कहलाएगा।
इसी उलझन और इत्तेफाक के कारण लोग दो-दो अलविदा जुमा की चर्चा कर रहे हैं।

रमजान 2026: जुमा का पूरा शेड्यूल
कैलेंडर के हिसाब से इस बार की तारीखें कुछ इस प्रकार हैं:
- पहला जुमा: 20 फरवरी
- दूसरा जुमा: 27 फरवरी
- तीसरा जुमा: 6 मार्च
- चौथा जुमा: 13 मार्च
- पांचवां जुमा: 20 मार्च
ईद कब होगी?
रमजान की शुरुआत 19 फरवरी से हुई थी। अगर चांद 29वें रोजे को दिख जाता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी।
लेकिन अगर चांद नहीं दिखता और रोजे 30 पूरे होते हैं, तो ईद का जश्न 21 मार्च को होगा।
उलेमाओं (धर्मगुरुओं) का कहना है कि इबादत की तैयारी पूरी रखनी चाहिए, अंतिम फैसला चांद की तस्दीक के बाद ही होगा।

तैयारियां और उत्साह
इस दुर्लभ संयोग को देखते हुए मुस्लिम समाज में काफी उत्साह है।
मस्जिदों में विशेष सफाई और नमाजियों के लिए इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं।
लोग इस बात से खुश हैं कि उन्हें एक ही महीने में 5 बार जुमे की सामूहिक नमाज और दुआओं का मौका मिल रहा है।
