10th-12th MP Board Exam: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार, 10 फरवरी से शुरू हो रही हैं।
इस साल प्रदेश भर से करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र अपनी किस्मत आजमाने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे।
प्रशासन ने इसे ‘नकल मुक्त’ बनाने के लिए इतनी सख्त घेराबंदी की है कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।
एग्जाम का पूरा शेड्यूल और टाइमिंग
परीक्षा की शिफ्ट सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रखी गई है।
लेकिन ध्यान रहे, छात्रों को सेंटर पर बहुत पहले पहुंचना होगा।
जिला शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी छात्र को सेंटर के अंदर घुसने नहीं दिया जाएगा।
इसलिए घर से समय पर निकलना ही समझदारी है।

2 घंटे का ‘लॉक-इन’ नियम: क्यों है सख्त?
इस बार बोर्ड ने एक नया और कड़ा नियम लागू किया है।
परीक्षा शुरू होने के पहले 2 घंटे तक किसी भी छात्र को टॉयलेट या अन्य किसी काम के लिए भी बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
अधिकारियों का मानना है कि प्रश्न-पत्र लीक होने की खबरें अक्सर शुरुआत के घंटों में आती हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अगर कोई छात्र जिद करके 2 घंटे के बाद बाहर जाता है, तो उसकी उत्तरपुस्तिका और पेपर जमा कर लिए जाएंगे और उसकी परीक्षा निरस्त (Cancel) मानी जाएगी।
सीसीटीवी और उड़नदस्तों की पैनी नजर
नकल रोकने के लिए प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
इनमें से कई केंद्रों को ‘संवेदनशील’ माना गया है, जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
खास बात यह है कि भोपाल में बैठा बोर्ड का अमला सीधे इन कैमरों के जरिए केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग करेगा।
इसके अलावा, करीब 700 केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए हैं ताकि मोबाइल या इंटरनेट का इस्तेमाल न हो सके।

कितने छात्र, कैसी तैयारी?
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कुल छात्र: 16 लाख से अधिक।
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10वीं के छात्र: करीब 9 लाख 7 हजार।
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12वीं के छात्र: करीब 7 लाख।
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भोपाल में स्थिति: अकेले राजधानी में 104 केंद्रों पर 57 हजार से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।
पुलिस की निगरानी में थानों से पेपर निकाले जाएंगे और इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
हर जिले में 4-4 फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते) बनाए गए हैं जो अचानक किसी भी सेंटर पर छापा मार सकते हैं।
छात्रों और पेरेंट्स के लिए जरूरी सलाह
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संशोधित टाइम टेबल: बोर्ड ने हाल ही में कुछ बदलाव किए थे, इसलिए अपना एडमिट कार्ड और टाइम टेबल एक बार फिर चेक कर लें।
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क्या न ले जाएं: मोबाइल, स्मार्ट वॉच, कोई भी पर्ची या इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाना भारी पड़ सकता है। पकड़े जाने पर सीधा केस दर्ज होगा।
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सेहत का रखें ख्याल: तनाव न लें। विशेषज्ञों का कहना है कि पेरेंट्स बच्चों पर अच्छे नंबरों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें।


