India Gate protest दिल्ली के इंडिया गेट पर रविवार शाम हुए प्रदर्शन ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
यह प्रदर्शन राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ था, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा यहां माओवादी नेता हिड़मा के समर्थन में लगाए गए नारों ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया है।
कब और कैसे बिगड़ा प्रदर्शन?
यह सारा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के सी-हेक्सागॉन क्षेत्र में वायु प्रदूषण के विरोध में एकत्र हुए। हालांकि, जल्द ही इस प्रदर्शन का स्वरूप बदल गया।
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में आंध्र प्रदेश में एक पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा के पोस्टर लहराने शुरू कर दिए।
Slogans of “Kitne Hidma Marogey, Har Ghar Mein Hidma Niklega” echoed at India Gate during an air-pollution protest.
Hidma, a key Maoist commander, has been linked to at least 20 major attacks in Chhattisgarh between 2005 and 2024, resulting in the deaths of 260 security… pic.twitter.com/2uH5Ja7Mxc
— The Bharat Post (@TheBharatPost_) November 24, 2025
इन पोस्टरों में हिड़मा की तुलना प्रसिद्ध आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा से की गई थी और उन्हें ‘जल, जंगल, जमीन का रखवाला’ बताया गया था।
इस दौरान भीड़ ने “माड़वी हिड़मा अमर रहे” और “माड़वी हिड़मा को लाल सलाम” जैसे नारे लगाए।
एक पोस्टर पर तो यह भी लिखा था, “बिरसा मुंडा से लेकर माड़वी हिड़मा तक, हमारे जंगलों और पर्यावरण का संघर्ष जारी रहेगा।”
जब पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया, तो स्थिति हिंसक हो गई और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई।
जितने घर में HIDMA जन्मेंगे
हम ‘हर’ HIDMA मारेंगेकोई गलतफहमियों ना पाले-
ये कांग्रेस की सरकार नहीं है जो नक्सलवाद को पालेगीएक और Al Falah नहीं बनने देंगे
और जिन univ में ये छात्र पढ़ते हैं,
इनकी पढ़ाई-अटेंडेंस की जांच होनी चाहिएइन्हें ये देश विरोधी शिक्षा दे कौन रहा है? pic.twitter.com/6mB3WLgFAs
— Radhika Khera (@Radhika_Khera) November 24, 2025
प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मियों पर मिर्च स्प्रे छिड़कने का आरोप है, जिससे कई अधिकारी घायल हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को दो अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की। इ
न मामलों में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, अवैध संगठन से जुड़े होने और सार्वजनिक कर्मचारियों पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
सभी आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था कायम करने वाले अधिकारियों पर मिर्च स्प्रे जैसी चीज का इस्तेमाल किया है।

कौन था माड़वी हिड़मा?
माड़वी हिड़मा देश के सबसे वांटेड माओवादियों में से एक था, जिसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था।
सुरक्षा बलों का कहना है कि वह पिछले 25 वर्षों से छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में सक्रिय था और लगभग 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था, जिनमें 350 से अधिक लोगों, ज्यादातर सुरक्षा बलों के जवानों की मौत हुई थी।
18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के एक ऑपरेशन में उसे और उसकी पत्नी को मार गिराया गया था।

प्रदूषण का मुद्दा और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विवाद के बीच प्रदर्शन का मूल मुद्दा यानी दिल्ली का वायु प्रदूषण गौण हो गया है।
20 नवंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 506 तक पहुंच गया था, जो इसे दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना देता है। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
वहीं, भाजपा नेता अमित मालवीय जैसे राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस घटना का इस्तेमाल सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर हमला बोलने के लिए किया है।
Delhi’s AQI during winter is undoubtedly a concern but it is also a fact that this year’s air quality has been significantly better than the last 10 years. The primary reason: farm fires across North India have reduced after the Centre’s decisive intervention.
Yet, AAP-ruled… https://t.co/YtopzN1iUo— Amit Malviya (@amitmalviya) November 23, 2025
उन्होंने आरोप लगाया है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ प्रदूषण का मुख्य कारण हैं और दिल्ली में पहले कभी इस तरह का प्रदर्शन नहीं हुआ।
दिल्ली की वायु प्रदूषण पर बनी समन्वय समिति ने सरकार पर प्रदूषण के मूल कारणों का हल ढूंढने के बजाय अस्थायी उपायों पर निर्भर रहने का आरोप लगाया है।


