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आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा से राज्यसभा उपनेता पद छीना, सदन में बोलने पर भी रोक!

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

AAP action against Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर इस वक्त सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

पार्टी ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अपने सबसे चर्चित चेहरों में से एक, राघव चड्ढा को राज्यसभा में ‘डिप्टी लीडर’ (उपनेता) के पद से हटा दिया है।

पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र लिखकर सूचित किया है कि अब राघव चड्ढा की जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

बोलने के समय पर भी पाबंदी की मांग

पार्टी का रुख चड्ढा के प्रति इतना सख्त नजर आ रहा है कि उन्होंने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में सदन की कार्यवाही के दौरान राघव चड्ढा को ‘आप’ के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए।

यह किसी भी सांसद के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि सदन में पार्टी की ओर से बोलने का समय कम होने का मतलब है उनकी सक्रिय भूमिका को सीमित करना।

आखिर क्यों गिरी राघव चड्ढा पर गाज?

सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी के मुख्य एजेंडे और गतिविधियों से दूरी बना रहे थे।

सूत्रों की मानें तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आए और शराब घोटाले जैसे गंभीर मुद्दों पर पार्टी संघर्ष कर रही थी, तब राघव चड्ढा की तरफ से कोई सक्रिय प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली।

न तो उन्होंने सोशल मीडिया पर केजरीवाल के पक्ष में मजबूती से स्टैंड लिया और न ही व्यक्तिगत तौर पर उनसे मिलने पहुंचे।

उनकी इस ‘चुप्पी’ को पार्टी के प्रति बेरुखी माना गया।

अशोक मित्तल पर क्यों जताया भरोसा?

डॉ. अशोक मित्तल, जो पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं, उन्हें उनकी गंभीरता और वरिष्ठता के लिए जाना जाता है।

शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ है।

पार्टी का मानना है कि मित्तल शांत स्वभाव के होने के बावजूद सदन में अपनी बात को तर्कों के साथ मजबूती से रखते हैं।

2022 में राज्यसभा भेजे गए मित्तल अब सदन में आम आदमी पार्टी के नए ‘मैनेजर’ और उपनेता के रूप में दिखाई देंगे।

राघव चड्ढा का हालिया कामकाज

हैरानी की बात यह है कि राघव चड्ढा हाल के दिनों में जनता के मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय थे।

उन्होंने संसद में एयरपोर्ट पर महंगी चाय, डिलीवरी बॉयज की परेशानियां और हाल ही में ‘पैटरनिटी लीव’ (पिता बनने पर मिलने वाली छुट्टी) को कानूनी मान्यता देने जैसे संवेदनशील मुद्दे उठाए थे।

हालांकि, जनता के बीच लोकप्रिय होने के बावजूद वे अपनी ही पार्टी के भीतर विश्वास खोते नजर आए।

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