Ahmedabad Plane Crash Controversy: गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
लंदन के मशहूर अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एयर इंडिया पीड़ित परिवारों को एक खास समझौते का प्रस्ताव दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन परिवारों को 10 से 20 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा ऑफर कर रही है, लेकिन इसके साथ एक कड़ी शर्त जुड़ी है।
London daily The Independent claims
Air India offered ₹10–20 lakh ($12–24k) to Ahmedabad crash victims’ families in exchange for dropping legal cases.
Earlier, ₹1 crore + ₹25 lakh compensation was announced.
Now the question: Is silence being bought?#AirIndia #AhmedabadCrash pic.twitter.com/BufggcDVlR— Attention (@Psurya_28) February 12, 2026
परिवारों को छोड़ना होगा केस
शर्त यह है कि यह पैसा लेने के बाद परिवारों को कंपनी के खिलाफ किसी भी देश या कोर्ट में कानूनी कार्यवाही करने का अपना अधिकार छोड़ना होगा।
यानी, परिवार भविष्य में इस हादसे को लेकर एयर इंडिया पर कोई दावा नहीं कर सकेंगे।
लीगल टीम और परिवारों का विरोध
पीड़ित परिवारों की ओर से पैरवी कर रही लीगल टीम ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है।
वकीलों का कहना है कि जब अभी तक हादसे की जांच पूरी ही नहीं हुई है और यह तय नहीं हुआ है कि गलती किसकी थी, तो ऐसे में परिवारों से केस का अधिकार छीनना पूरी तरह गलत है।
Air India has begun offering cash compensation of Rs 10 lakh to the families of those who lost their lives in last year’s Ahmedabad plane crash involving a London-bound Boeing 787-8 Dreamliner.
The aircraft, carrying 242 passengers and crew, crashed shortly after take-off on… pic.twitter.com/XMplNKRRL9
— The Sentinel (@Sentinel_Assam) February 11, 2026
कई घायलों का इलाज अब भी चल रहा है और उनकी भविष्य की जरूरतें इस छोटी रकम से पूरी नहीं हो सकतीं।
दूसरी ओर, एयर इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए तैयार है और यह राशि कानून के दायरे में रहकर तय की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
इस मामले की गूंज भारत के सुप्रीम कोर्ट में भी सुनाई दी।
11 फरवरी को सुनवाई के दौरान वकील प्रशांत भूषण ने एक चौंकाने वाला दावा किया।
उन्होंने कहा कि लगभग 8,000 पायलट मानते हैं कि बोइंग 787 विमान सुरक्षित नहीं है और इसे तुरंत उड़ान भरने से रोक देना चाहिए।

भूषण ने जांच टीम (AAIB) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए, जिस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तंज कसते हुए कहा कि शायद भूषण तभी संतुष्ट होंगे जब जांच की कमान उन्हें सौंप दी जाए।
फिलहाल, कोर्ट ने सरकार से 3 हफ्ते के भीतर जांच की पूरी रिपोर्ट मांगी है।

हादसे में 270 लोगों की मौत
याद दिला दें कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी।
टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान एक मेडिकल हॉस्टल की बिल्डिंग से जा टकराया।
इस भयानक हादसे में 270 लोगों की जान चली गई थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस हादसे में 242 लोगों में से केवल एक यात्री की जान बच पाई थी।


