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दुनियाभर में एयरबस A320 विमानों पर रेडिएशन का खतरा: भारत में 400 फ्लाइट्स प्रभावित, एडवाइजरी जारी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Airbus A320 solar radiation: एयरबस A320 विमानों में आई एक तकनीकी खामी के चलते भारत की दो प्रमुख एयरलाइन्स एयर इंडिया और इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।

इस गंभीर समस्या के कारण देश भर में लगभग 400 उड़ानों के रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।

दरअसल दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाले एयरबस के A320 सीरीज के एयरक्राफ्ट्स पर तेज सोलर रेडिएशन का खतरा मंडरा रहा है।

यह फ्लाइट कंट्रोल डेटा को खराब कर सकता है, जिससे एयरक्राफ्ट्स की ऊंचाई, डायरेक्शन, कंट्रोल जैसी बेहद अहम जानकारी गलत हो सकती है।

यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का अपडेट जरूर लें।

एयरबस A320 के सॉफ्टवेयर में ‘सोलर रेडिएशन’ की समस्या

इस पूरी समस्या की जड़ एयरबस A320 सीरीज के विमानों में पाए गए एक गंभीर तकनीकी समस्या है। जो सूर्य की तीव्र किरणों (सोलर रेडिएशन) से जुड़ा हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज सोलर रेडिएशन विमान के फ्लाइट कंट्रोल डेटा को करप्ट कर सकता है।

यह डेटा विमान को उड़ाने के लिए बेहद जरूरी होता है, जिसमें ऊंचाई, दिशा, गति और विमान के पंखों और अन्य पार्ट्स की स्थिति जैसे पैरामीटर शामिल होते हैं।

अगर यह डेटा गलत हो जाए, तो इससे विमान का रास्ता भटकना, अचानक ऊंचाई कम होना या फिर किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है।

इसी खतरे को गंभीरता से लेते हुए यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने एक इमरजेंसी डायरेक्टिव जारी किया और एयरबस ने दुनिया भर में A320 सीरीज के करीब 6,000 विमानों का सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट करने का आदेश दिया।

अमेरिका में घटना के बाद आई सख्ती

इस मामले में सख्ती की एक बड़ी वजह हाल ही में अमेरिका में घटी एक घटना है।

30 अक्टूबर, 2025 को जेटब्लू एयरलाइन्स के एक A320 विमान ने कैनकन से नेवार्क के लिए उड़ान भरी।

उड़ान के दौरान, पायलट के किसी कमांड के बिना ही विमान अचानक से नीचे की ओर झुकने (पिच डाउन) लगा।

खुशकिस्मती से विमान सुरक्षित लैंड कर गया, लेकिन कुछ यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

प्रारंभिक जांच में इस घटना का कारण ‘सर्विसेबल एलिवेटर एलरॉन कंप्यूटर’ (ELAC) में खराबी को बताया गया, जो सीधे तौर पर इसी सोलर रेडिएशन वाली समस्या से जुड़ा हुआ है।

भारत में IndiGo और Air India पर सबसे ज्यादा असर

भारत में इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइन्स में एयरबस A320 सीरीज के विमानों की संख्या सबसे अधिक है।

इन तीनों एयरलाइन्स के पास मिलाकर इस मॉडल के लगभग 550 विमान हैं, जो देश की अधिकांश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संचालित करते हैं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, इस सॉफ्टवेयर अपडेट प्रक्रिया के कारण देश में कुल 338 विमान प्रभावित हैं।

शनिवार सुबह तक का अपडेट बताता है कि इनमें से 189 विमानों का सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन पूरा हो चुका है।

DGCA ने यह भी बताया कि अब तक किसी उड़ान को रद्द नहीं किया गया है, हालांकि कुछ उड़ानों में 60 से 90 मिनट तक की देरी हुई है।

एयरलाइनों का लक्ष्य है कि EASA द्वारा तय डेडलाइन 30 नवंबर से पहले ही अपने सभी विमानों का अपडेटेशन पूरा कर लिया जाए।

एयरलाइनों की प्रतिक्रिया: क्या कह रही हैं IndiGo और Air India?

  • इंडिगो: इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए एक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से कहा है कि वे सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने विमानों को अपडेट कर रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले कंपनी के ऐप या वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट की लेटेस्ट स्थिति की जांच अवश्य कर लें।

  • एयर इंडिया: एयर इंडिया ने भी ‘X’ पर बताया कि उनकी इंजीनियरिंग टीम इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए 24×7 काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके 40% से अधिक प्रभावित विमानों का अपडेट पहले ही पूरा हो चुका है और EASA की डेडलाइन से पहले पूरा बेड़ा तैयार हो जाएगा। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के कारण उनकी कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है, लेकिन कुछ उड़ानों में देरी या उनके शेड्यूल में बदलाव हो सकता है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

अगर आपने एयर इंडिया या इंडिगो की कोई फ्लाइट बुक की है या बुक करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. फ्लाइट स्टेटस चेक करें: एयरपोर्ट रवाना होने से पहले फ्लाइट की स्थिति जरूर जांचें। इसके लिए एयरलाइन की ऑफिशियल वेबसाइट, मोबाइल ऐप, या फिर कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करें।
  2. अपडेट रहें: एयरलाइन्स द्वारा जारी की गई किसी भी नई एडवाइजरी पर नजर बनाए रखें। वे सोशल मीडिया पर नियमित अपडेट शेयर कर रही हैं।
  3. अतिरिक्त समय रखें: अगर आपकी फ्लाइट शेड्यूल्ड है, तो भी एयरपोर्ट पहुंचने में कंजूसी न करें। देरी की स्थिति के लिए अपने पास अतिरिक्त समय जरूर रखें।
  4. ट्रैवल इंश्योरेंस: अगर आपकी यात्रा जरूरी है, तो एक अच्छा ट्रैवल इंश्योरेंस लेने पर विचार करें, जो फ्लाइट कैंसलेशन या लंबी देरी की स्थिति में कवर प्रदान करता हो।

हालांकि यह स्थिति यात्रियों के लिए चिंताजनक है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अपडेटेशन विमानन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा एक एहतियाती कदम है।

एयरलाइन्स और नियामक संस्थाएं मिलकर इस चुनौती से निपटने और यात्रियों की सुविधा को कम से कम प्रभावित करने का पूरा प्रयास कर रही हैं।

सूचनात्मक अपडेट लेते रहना और थोड़ा सा अतिरिक्त धैर्य रखना ही इस समय यात्रियों के लिए सबसे बेहतर रणनीति है।

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